Facebook Pixel

Thengphakhri Tehsildar Kee Tambewali Talwar

Author: Indira Goswami
Translator: Pooja Mishra
Edition: 2025, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
As low as ₹187.50 Regular Price ₹250.00
25% Off
In stock
SKU
Thengphakhri Tehsildar Kee Tambewali Talwar

- +
Share:
Codicon

‘थेंगफाखरी तहसीलदार की ताँबेवाली तलवार’ उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध में असम में बसी बोडो जनजाति की प्रथम महिला स्वतंत्रता सेनानी और ब्रिटिशकालीन भारत की पहली महिला तहसीलदार थेंगफाखरी के जीवन पर आधारित उपन्यास है। इन्दिरा गोस्वामी ने भारत के पूर्वोत्तर अंचल में प्रचलित जनश्रुतियों और उपलब्ध ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर, थेंगफाखरी के गुमनाम हो चुके असाधारण व्यक्तित्व को साकार किया है। जब असम में सामाजिक-राजनीतिक स्तर पर एक अस्पष्टता व्याप्त थी और अलग बोडोलैंड के लिए ‘डिवाइड असम फिफ्टी-फिफ्टी’ का नारा गूँज रहा था, वैसे समय में इन्दिरा ने यह उपन्यास लिखकर असमिया और बोडो संस्कृतियों और भाषाओं के मध्य प्रशंसनीय सेतुबन्धन किया। यह उपन्यास थेंगफाखरी के अदम्य साहस और भारतीय स्वाधीनता आन्दोलन में निचले असम के बिजनी राज्य के महत्त्वपूर्ण योगदान से परिचित कराता है। औपनिवेशिक शासन के दौरान थेंगफाखरी का तहसीलदार के पद पर नियुक्त होना जहाँ महिला सशक्तीकरण की मिसाल पेश करता है, वहीं अंग्रेज़ों के विरुद्ध क्रान्तिकारी के रूप में थेंगफाखरी के रूपान्तरण से ब्रिटिश शासन की दमनकारी नीतियों का पर्दाफ़ाश भी करता है। उपन्यास में औपनिवेशिक शासन के दौरान असम के सुदूर गाँवों में बसे, सरकारी करों की भीषण मार झेलते ग़रीब किसानों की मानसिक-शारीरिक यंत्रणा मार्मिक ढंग से उजागर हुई है।

इसमें सन्देह नहीं कि यह उपन्यास हिन्दी पाठकों को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक अल्पज्ञात अध्याय से रू-ब-रू कराएगा, बल्कि विविधता में एकता को अपनी राष्ट्रीय शक्ति मानने वाली भारतीय दृष्टि को और दृढ़ता प्रदान करेगा। 

More Information
Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Pooja Mishra
Editor Not Selected
Publication Year 2025
Edition Year 2025, Ed. 1st
Pages 144p
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 20 X 13 X 1
Write Your Own Review
You're reviewing:Thengphakhri Tehsildar Kee Tambewali Talwar
Your Rating
Indira Goswami

Author: Indira Goswami

इन्दिरा गोस्वामी

इन्दिरा गोस्वामी (मामोनी रायसम गोस्वामी) का जन्म 14 नवम्बर, 1942 को गुवाहाटी, असम में हुआ था। उन्होंने एम.ए., पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की। वे दिल्ली विश्वविद्यालय के आधुनिक भारतीय भाषा विभाग में असमिया भाषा की प्रोफ़ेसर रहीं। उन्होंने कई कालजयी कृतियों की रचना की है, जिनमें प्रमुख हैं—‘चेनाबेर स्रोत’, ‘नीलकंठी ब्रज’, ‘अहिरण’, ‘मामरे धरा तरोवाल’, ‘दंताल हाथीर उंये खोवा हौदा’, ‘तेज आरु धूलि धूसरित पृष्ठ’, ‘थेंगफाखरी तहसीलदारर तामर तरोवाल’ (उपन्यास); ‘चिनाकी मरम’, ‘कईना’, ‘हृदय एक नदीर नाम’, ‘प्रिय गल्पो’ (कहानी-संग्रह)। उनकी कई रचनाएँ विभिन्न भारतीय एवं विदेशी भाषाओं में अनूदित हुई हैं।

उन्हें ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’, ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’, ‘असम साहित्य सभा पुरस्कार’, ‘भारत निर्माण पुरस्कार’, ‘कथा पुरस्कार’, ‘अन्तरराष्ट्रीय ज्यूरी अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। नीदरलैंड सरकार की तरफ से उन्हें ‘प्रिंस क्‍लॉस लॉरिएट सम्मान’, फ्लोरिडा अन्तरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय द्वारा ‘अन्तरराष्ट्रीय तुलसी सम्मान’ और ‘असोम रत्न’ सहित कई अन्य सम्मान मिले।

29 नवम्बर, 2001 को उनका निधन हुआ।

Read More
Books by this Author
New Releases
Back to Top