Indira Goswami
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इन्दिरा गोस्वामी
इन्दिरा गोस्वामी (मामोनी रायसम गोस्वामी) का जन्म 14 नवम्बर, 1942 को गुवाहाटी, असम में हुआ था। उन्होंने एम.ए., पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की। वे दिल्ली विश्वविद्यालय के आधुनिक भारतीय भाषा विभाग में असमिया भाषा की प्रोफ़ेसर रहीं। उन्होंने कई कालजयी कृतियों की रचना की है, जिनमें प्रमुख हैं—‘चेनाबेर स्रोत’, ‘नीलकंठी ब्रज’, ‘अहिरण’, ‘मामरे धरा तरोवाल’, ‘दंताल हाथीर उंये खोवा हौदा’, ‘तेज आरु धूलि धूसरित पृष्ठ’, ‘थेंगफाखरी तहसीलदारर तामर तरोवाल’ (उपन्यास); ‘चिनाकी मरम’, ‘कईना’, ‘हृदय एक नदीर नाम’, ‘प्रिय गल्पो’ (कहानी-संग्रह)। उनकी कई रचनाएँ विभिन्न भारतीय एवं विदेशी भाषाओं में अनूदित हुई हैं।
उन्हें ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’, ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’, ‘असम साहित्य सभा पुरस्कार’, ‘भारत निर्माण पुरस्कार’, ‘कथा पुरस्कार’, ‘अन्तरराष्ट्रीय ज्यूरी अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। नीदरलैंड सरकार की तरफ से उन्हें ‘प्रिंस क्लॉस लॉरिएट सम्मान’, फ्लोरिडा अन्तरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय द्वारा ‘अन्तरराष्ट्रीय तुलसी सम्मान’ और ‘असोम रत्न’ सहित कई अन्य सम्मान मिले।
29 नवम्बर, 2001 को उनका निधन हुआ।



