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Tathagat Phir Nahi Aate-Hard Cover

Author: Pradeep Garg
ISBN: 9789393603227
Edition: 2023, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Lokbharti Prakashan
Special Price ₹760.75 Regular Price ₹895.00
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9789393603227
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सिद्धार्थ सोलह वर्ष की आयु में विवाह के पश्चात् तेरह वर्ष तक नाच-गाना देखते-सुनते हुए राजभवन में ही बैठे रहे। एक दिन जब राजमहल से बाहर निकले तो एक वृद्ध पुरुष, एक रोगी और फिर एक शव को देख ऐसी विरक्ति मन में उत्पन्न हुई कि गृहत्याग कर परिव्रजित हो गये। यह कथा सामान्यतः प्रचलित अवश्य है परन्तु वस्तुतः गौतम बुद्ध के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर प्राचीनतम एवं विद्वानों के मतानुसार सर्वाधिक प्रामाणिक ग्रंथों 'त्रिपिटक' के अनुसार इस कथा की सच्चाई में सन्देह करने के पर्याप्त कारण हैं।
तत्कालीन विश्व और भारतवर्ष के समाज तथा उनकी राजनीति को समझने का प्रयास करती हुई यह पुस्तक उन गुरुओं, जिनमें से कई स्वयं को 'बुद्ध घोषित कर चुके थे, के परस्पर तर्क- वितर्क की श्रोता तो बनती ही है; तक्षशिला विश्वविद्यालय में संसार भर से आये ज्ञानपिपासुओं की बौद्धिक चर्चा में सहभागी भी बनती है; और उस अद्भुत वैचारिक आन्दोलन की साझीदार भी जब जम्बूद्वीप के हर नगर, कसबे और गाँव में स्थापित कुतुहलशालाओं में जीवन और अस्तित्व के आधारभूत प्रश्नों पर वाद-विवाद अनवरत ही हो रहा था।

साथ ही, कपिलवस्तु, वैशाली, राजगृह, कौशाम्बी, श्रावस्ती इत्यादि नगरों में पड़ाव करते हुए यह यात्रा उस काल के अभूतपूर्व वैभव और जनमानस में विभिन्न कारणों से पनपते विद्रोह की साक्षी बनती है व उस घटनाचक्र की भी जिसने मगध साम्राज्य के जन्म को अवश्यम्भावी कर दिया।

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back, Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2023
Edition Year 2023, Ed. 1st
Pages 408p
Price ₹895.00
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14.5 X 2.5
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Author: Pradeep Garg

प्रदीप गर्ग

प्रदीप गर्ग गणित के विद्यार्थी रहे और फिर दर्शन-शास्त्र के भी। विशेष अनुराग सदैव इतिहास के साथ ही रहा। इतिहास में जैसे-जैसे वे गहराई में उतरते रहे, कई प्रश्न उनके मन में उत्पन्न होते चले गए। उन प्रश्नों के उत्तर की खोज ने पहले अकबर के जीवन पर आधारित पुस्तक 'A Forgotten Legacy' को जन्म दिया और अब इस पुस्तक को।

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