Facebook Pixel

Sardhana Ki Begham-Hard Cover

Author:
ISBN: 9788183610285
Edition: 2005, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
Special Price ₹425.00 Regular Price ₹500.00
15% Off
Out of stock
SKU
9788183610285
Share:
Codicon

ऐतिहासिक उपन्यास में अपने समय की कहानी होती है जिसमें विराट काल-पुरुष के आँसू और मुस्कान, समय की सीमा को लाँघकर अविकल रूप से छलकते रहते हैं।

‘सरधाना की बेग़म’ एक ऐतिहासिक उपन्यास है जिसमें बेग़म समरू और आयरिश सोल्जर जॉर्ज थॉमस की रूहानी कशमकश साकार हो उठी है।

‘सरधाना की बेग़म’ एक अजीबो-ग़रीब शख़्सियत। सियासत जिसके ख़ून में रची-बसी थी और मक्कारी जिसके वजूद का हिस्सा। मैदाने-जंग में वह जब मर्दाना भेष में अपनी कवायदी फ़ौज और लाव-लश्कर के साथ उतरती तो अच्छे-अच्छों के छक्के छूट जाते।

दिल्ली का बादशाह शाहआलम उसे अपनी बेटी कहता और शाहआलम के वकील-ए-मुतल्लक (वजीर) माधोजी सिन्धिया उसे अपनी समशिरा बहन अर्थात् सगी बहन कहते और जिससे राखी बँधवाते।

‘‘संगीत उसकी साँसों में था

और नृत्य की लय उसके तन-बदन में

सूफ़ी तसव्वुफ़ उसका ईमान था

और ईसा मसीह की प्रेम-संवेदना

उसकी कहानी इकादत’’

जाट, मराठा, पठान, जर्मन, फ़्रांसीसी, आयरिश तथा अंग्रेज़ जांबाज़ों के हौसलों को बार-बार चकमा देकर अपनी बहादुरी और हुस्नोजमाल का भरम क़ायम रखनेवाली क़यामत का नाम है—‘सरधाना की बेग़म’, जिसके ज़िक्र के बिना अठारहवीं शताब्दी के उत्तरी भारत की अन्दरूनी कहानी अधूरी रह जाती है।

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Isbn 10 8183610285
Publication Year 2005
Edition Year 2005, Ed. 1st
Pages 524p
Price ₹500.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 22 X 14.5 X 3
Write Your Own Review
You're reviewing:Sardhana Ki Begham-Hard Cover
Your Rating

Author:

Read More
Books by this Author
New Releases
Back to Top