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Sanjhak Gaachh : Maithili Kathak sangrha-Paper Back

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9788126706419
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Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Rajkamal Chaudhary
Editor Dev Shankar Naveen
Publication Year 2003
Edition Year 2025, Ed. 3rd
Pages 235p
Price ₹299.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 1.5
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Rajkamal Chaudhary

Author: Rajkamal Chaudhary

राजकमल चौधरी

जन्म : 13 दिसम्बर, 1929 को अपने ननिहाल रामपुर हवेली में। पितृग्राम महिषी (सहरसा, बिहार)।

शिक्षा : इंटरमीडिएट आर्ट्स में नामांकन, किन्तु उसे छोड़कर भागलपुर आकर इंटरमीडिएट कॉमर्स में प्रवेश। मारवाड़ी कॉलेज, भागलपुर से 1955 में आई.कॉम.। 1953 में गया कॉलेज से बी.कॉम। लेखन की शुरुआत भागलपुर से ही हो गई थी। शिक्षा पूरी करने के बाद अधिकतर कलकत्ता में रहे।

प्रकाशित कृतियाँ : हिन्दी में—‘अग्निस्नान’, ‘शहर था शहर नहीं था’, ‘नदी बहती थी’, ‘ताश के पत्तों का शहर’, ‘मछली मरी हुई’ (उपन्यास); ‘बीस रानियों के बाइस्कोप’, ‘एक अनार : एक बीमार’ (लघु उपन्यास); ‘मुक्ति-प्रसंग’, ‘कंकावती’, ‘इस अकाल वेला में’, ‘स्वरगन्धा’, ‘ऑडिट रिपोर्ट’, ‘विचित्रा’ (कविता-संग्रह); ‘मछली जाल’, ‘सामुद्रिक एवं अन्य कहानियाँ’ (कहानी-संग्रह)।

मैथिली में—‘आदिकथा’, ‘पाथर फूल’, ‘आन्दोलन’ (उपन्यास); ‘स्वरगन्धा’, ‘कविता राजकमलक’ (कविता-संग्रह); ‘एकटा चंपाकली विषधर’, ‘कृति राजकमलक’ (कहानी-संग्रह)।

अनूदित कृतियाँ—मूल बांग्ला से शंकर के उपन्यास ‘चौरंगी’ और वाणी राय के उपन्यास ‘चोखे आमार तृष्णा’ का हिन्दी अनुवाद।

हिन्दी और मैथिली की कई पत्रिकाओं का सम्पादन किया। अन्तिम वर्षों में पूरी तरह स्वतंत्र लेखन।

राजकमल चौधरी रचनावली (खंड) में समग्र रचनाकर्म संकलित।

19 जून, 1967 को पटना के अस्पताल में लम्बी बीमारी के बाद निधन।

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