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Sachitra Hindi Baal Kosh-Hard Cover

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9788126726325
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प्रस्तुत कोश कई दृष्टियों से महत्त्वपूर्ण है। इसके लिए हिन्दी प्रदेश में निर्धारित पाँचवें दर्जे तक की सभी पाठ्य-पुस्तकें मँगवाई गईं और उनमें से शब्दों का संग्रह करवाया गया। बारम्बारता की पद्धति से तैयार की हुई शब्दावलियों को भी हस्तगत किया गया। बारम्बारता की पद्धति से तैयार की हुई शब्दावलियों को भी हस्तगत किया गया। इस प्रकार शब्दावली का एक स्तर निश्चित हुआ। इस शब्दकोश में लगभग छह हज़ार शब्द हैं जो प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी और आवश्यक हैं। अर्थों का चुनाव भी इसी दृष्टि से किया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रत्येक शब्द का प्रयोग जैसा कि शिष्ट हिन्दी में होता है, अत्यन्त सटीक उदाहरणों द्वारा समझाया गया है।

एक अन्यतम विशेषता यह भी है कि विद्यार्थियों के लिए इतना उपयोगी यह पहला सचित्र कोश है। अर्थ समझाने के लिए तीन तरीक़े बताए गए हैं। एक तो पर्यायवाची शब्द देकर, जैसे—जल (पानी), दशा (अवस्था, हालत); दूसरे, व्याख्या या वर्णन देकर, जैसे—अरबी (सूरन जैसा एक छोटा कंद), अस्पताल (इलाज करने-कराने की जगह); और तीसरे, परिभाषा देकर, जैसे—अंकगणित (गणित की वह शाखा जिसमें अंकों का जोड़ना, घटाना, गुणा करना और भाग देना आदि अनेक क्रियाओं का अध्ययन किया जाता है।) परन्तु कभी-कभी इसके बाद भी विद्यार्थी के मन में वस्तु का ठीक-ठाक ज्ञान नहीं हो पाता। समुचित ज्ञान कराने में चित्र बहुत सहायक होते हैं। हिन्दी में ऐसे सचित्र कोश नहीं हैं। प्रस्तुत कोश इस दृष्टि से बेजोड़ है।

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Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2014
Edition Year 2014, Ed. 1st
Pages 207p
Price ₹395.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 25 X 19 X 1.5
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Kusum Khemani

Author: Kusum Khemani

कुसुम खेमानी

जन्म : 19 सितम्बर, 1944

शिक्षा : एम.ए. (प्रथम श्रेणी), पीएच.डी., कलकत्ता विश्वविद्यालय।

प्रकाशन : ‘सचित्र हिन्दी बालकोश’, ‘हिन्दी-अंग्रेज़ी बालकोश’ (कोश); ‘हिन्दी नाटक के पाँच दशक’ (आलोचना); ‘सच कहती कहानियाँ’, ‘एक अचम्भा प्रेम’, ‘अनुगूँज ज़िन्दगी की’ (कहानी-संग्रह); ‘एक शख़्स कहानी-सा’ (जीवनी); ‘कहानियाँ सुनाती यात्राएँ’ (यात्रा-वृत्तान्त); ‘कुछ रेत...कुछ सीपियाँ...विचारों की’ (ललित निबन्ध); ‘लावण्यदेवी’, ‘जड़िया बाई’ (उपन्यास)।

अनुवाद एवं सम्पादन : ‘जन-अरण्य’ (उपन्यास, शंकर), ‘चश्मा बदल जाता है’ (उपन्यास, आशापूर्णा देवी), ज्योतिर्मयी देवी के कहानी-संग्रह का अनुवाद एवं सम्पादन, ‘वागर्थ’ का सम्पादन। ‘लावण्यदेवी’ उपन्यास का अंग्रेज़ी, बांग्ला, नेपाली एवं मलयालम में अनुवाद। ‘कहानियाँ सुनाती यात्राएँ’ बांग्ला, राजस्थानी एवं मलयालम में प्रकाशित। ‘लावण्यदेवी’ उपन्यास का तमिल में डॉ. एन. जयश्री द्वारा एवं तेलुगू में लावण्य नारला द्वारा शोध एवं अनुवाद।

‘सच कहती कहानियाँ’ की कथाभाषा पर डॉ. सुहासिनी (तमिल), करमजीत कौर (पंजाबी), विनीता सिंह (हिन्दी) एवं अंजना कुकरैती (कन्नड़) द्वारा शोध। ‘रश्मिरथी माँ’ कहानी पर बांग्ला में टेलीफ़िल्म का निर्माण। ‘साहित्य में उच्च मूल्यों की स्थापना’ (सन्दर्भ : ‘लावण्यदेवी’ उपन्यास) विषय पर औरंगाबाद यूनिवर्सिटी द्वारा सेमिनार आयोजित।

सम्मान : ‘कुसुमांजलि साहित्य सम्मान’, ‘साहित्य भूषण सम्मान’, ‘हरियाणा गौरव सम्मान’, ‘भारत निर्माण सम्मान’, ‘रत्नादेवी गोयनका वाग्देवी पुरस्कार’, ‘पश्चिम बंग प्रान्तीय मारवाड़ी सम्मेलन पुरस्कार’, ‘कौमी एकता पुरस्कार’, ‘भारत गौरव सम्मान’, ‘समाज बन्धु पुरस्कार’ आदि।

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