जीवन का अर्थ वही समझे,
जो इसे संगीत की भाँति गाए।
हर क्षण में रस जो खोज सके,
बस वही इसे सुखमय बनाए।
कभी सूर्य की किरणों में निखरे,
कभी चन्द्र की चाँदनी में बिखरे।
कभी धूप की तल्ख़ी सह जाए,
कभी वर्षा में भीग मुस्काए।
सुख में जो अभिमान न करे,
दुख में जो शिकायत न करे।
वही जीवन को कला बना ले,
हर मोड़ पर इसे स्वर में ढाले।
सौन्दर्य नहीं किसी चेहरे में बसता,
न ही किसी सांसारिक ध्वनि में रहता।
जो हृदय को निर्मल कर पाए,
बस उसी की दृष्टि में यह खिलता।
| Language | Hindi |
|---|---|
| Binding | Paper Back |
| Translator | Not Selected |
| Editor | Not Selected |
| Publication Year | 2026 |
| Edition Year | 2026, Ed. 1st |
| Pages | 168p |
| Publisher | Rajkamal Prakashan |
| Dimensions | 21.5 X 14 X 1 |