Mrinal Pande Ka Rachna Sansar

Literary Criticism
Author: Archana Shukla
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ISBN:9789352211326
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Mrinal Pande Ka Rachna Sansar
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हिन्‍दी की आधुनिक लेखिकाओं में मृणाल पाण्डे अपने विशिष्ट रचना-संसार के कारण अलग पहचान बनाए हुए हैं। उनका लेखन जीवन की समग्रता का प्रस्तुतीकरण लेकर सामने आता है। उन्होंने स्त्री की पहचान, स्त्री की शक्ति, स्त्री के संघर्ष एवं स्त्री से जुड़े हुए अनेक प्रश्नों का विश्लेषण अपनी रचनाओं में किया है। मृणाल पाण्डे का भारतीय जीवन के नए परिवेश पर गम्भीर पकड़ है, जिसमें भारतीय परिवारों की व्यवस्था करती हुई नारी का यथार्थ-चित्रण है। उनके कथा साहित्य में चित्रित नारी परिवेश, स्थिति और विशिष्ट संवेदनाओं को लेकर सामने आती है।

उनकी रचनाओं में स्वाभाविकता एवं सहजता है। अनुभूति की गहराई एवं नवीन मूल्यों को उभारने का प्रयत्न भी उनकी रचनाओं की प्रमुख विशिष्टता है।

नारी का बदलता रूप, उसका आत्मविश्वास एवं विद्रोह, अपनी अस्मिता की पहचान करती नारी के तमाम नवीन रूप उनके कथा साहित्य में दृष्टिगोचर होते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में भी मृणाल पाण्डे का कोई जवाब नहीं। किसी मंत्री से राजनीति पर बातचीत हो या भाषा-विवाद या महिला मुद्दा सभी पर उनकी प्रस्तुति विचारोत्तेजक होती है। पत्रकारिता का कोई भी क्षेत्र उनसे अछूता नहीं।

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 2017
Edition Year 2017, Ed. 1st
Pages 264p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 2
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Editorial Review

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Archana Shukla

Author: Archana Shukla

अर्चना शुक्ला

जन्म : 1 जनवरी, 1987; इलाहबाद।

शिक्षा : एम.ए. (हिन्‍दी), इलाहबाद विश्वविद्यालय, इलाहबाद।

प्रकाशन : ‘मृणाल पाण्‍डे का रचना-संसार’ (आलोचना)। राष्ट्रीय-अन्‍तरराष्ट्रीय स्तर की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेख प्रकाशित।

राष्ट्रीय स्तर की कई संगोष्ठियों/परिसंवादों में शामिल एवं आलेख प्रस्तुति।

अभिरुचि : आधुनिक साहित्य के समालोचन में विशेष अभिरुचि।

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