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Kali Billiyon Ke Saaye Mein Chatori Chudail

Author: Uzma Kalam
Edition: 2026, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Lokbharti Prakashan
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Kali Billiyon Ke Saaye Mein Chatori Chudail

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उज़्मा कलाम की कहानियाँ इतनी सहज और अनायास हैं कि एकदम पड़ोस की लगने के बावजूद उनका जादुई सम्मोहन देर तक अपनी गिरफ्त में लिए रहता है। ये कहानियाँ अक्सर दो विपरीत छोरों पर एक साथ चलती हैं इसलिए समय के मारक विरोधाभास इनमें ठोस और साकार होकर उपस्थित होते हैं। यहाँ एक तरफ एक क्रूर और निस्संग दुनिया है तो दूसरी तरफ फूलों से भी कोमल मन और उनके रंग और खूशबू। एक तरफ दारुण अभाव हैं तो दूसरी तरफ इतनी सघन भाव भरी स्मृतियाँ हैं कि वे एकदम मूर्तिमान होकर बारम्बार लौट आती हैं। विश्वसनीय जीवन यथार्थ और उसकी बन्दिशें हैं तो उनके जाल से बाहर निकलने को बेताब फन्तासियाँ और कल्पनाएँ भी हैं।

यह कहानियाँ जीवन की धूप-छाँही निरन्तरता से अपना ताना-बाना लेती हैं। यहाँ अल्पसंख्यकों और हाशिए के जीवन की रोजमर्रा की जद्दोजहद के बीच, अतीत और वर्तमान, धर्म और आधुनिकता की तमाम बहसों और रिश्तों के दरमियाँ जीवन के अनेक संस्तरों से गुजरते हुए यह बार-बार जानना होता है कि चीजें इतनी इकहरी नहीं हैं जितनी बनाकर वह पेश की जाती हैं। इन कहानियों में एक जिद्दी दुनिया है जो हार भले जाती है पर जूझना नहीं छोड़ती। एक निहत्थी, पर मारक मासूमियत है जो संवेदना की सबसे भीतरी तहों में धँस-सी जाती है। स्त्रियाँ और बच्चे इन कहानियों के पर्यावरण का अनिवार्य हिस्सा हैं जो इन्हें देखने के एक अलग तर्क और तरीके की तरफ ले जाते हैं। अनेक यादगार स्त्री चरित्रों की उपस्थिति इन कहानियों को कभी न भूलनेवाली बना देती है। ‘काली बिल्लियों के साये में चटोरी चुड़ैल’ बेहतरीन कहानियों का एक ऐसा संग्रह है, जिसे हास्य और विडम्बना के अद्भुत ताने-बाने से बुना गया है।

—कुणाल सिंह

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Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2026
Edition Year 2026, Ed. 1st
Pages 152p
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 20 X 13 X 1
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Uzma Kalam

Author: Uzma Kalam

उज़्मा कलाम

उज़्मा कलामका जन्म 2 मई, 1982 को कानपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा कानपुर से हुई। उच्चतर शिक्षा जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली से प्राप्त की। प्रसार शिक्षा में स्नातकोत्तर। उन्होंने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में विभिन्न ग़ैरसरकारी संगठन में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य किया है। उनकी कहानियाँ ‘हंस’, ‘कथादेश’, ‘वनमाली-कथा’, ‘बनास जन’, ‘समालोचन’, ‘जानकीपुल’, ‘पुस्तकनामा’ और ‘बोले भारत’ आदि पत्रिकाओं और ब्लॉगों में प्रकाशित हो चुकी हैं। ‘काली बिल्लियों के साये में चटोरी चुड़ैल’ उनकी पहली किताब है। वर्तमान में वे एक निजी कॉलेज में अध्यापन करने के साथ-साथ महिला उत्थान से सम्बन्धित एक गैरसरकारी संगठन की परियोजना में सलाहकार के रूप में जुड़ी हुई हैं। जोधपुर, राजस्थान में रहती हैं।

ई-मेल : [email protected]

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