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Hind Swaraj Aur Naya Manvantar

Translator: Shraddha Bharadwaj
Edition: 2025, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
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Hind Swaraj Aur Naya Manvantar

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‘हिन्द स्वराज और नया मन्वन्तर’ पुस्तक अतीत की घटनाओं अथवा भविष्य की आशाओं पर ध्यान केन्द्रित करने के बजाय सीधे वर्तमान में ‘हिन्द स्वराज’ की जाँच करती है और उसकी उपयोगिता और व्यापकता पर जोर देती है। मनुष्य एक बुद्धिमान प्राणी है, इस धारणा पर आधारित पश्चिमी सभ्यता ने मनुष्य की अन्तर्निहित बौद्धिक क्षमताओं को कुन्द कर दिया है और एक ‘उपभोक्ता’ के रूप में मनुष्य की वास्तविक पहचान को चुनौती दी है। मनुष्य आज उपभोग के इस जलते कुंड में अपना कुछ भी स्वाहा कर देने को उद्धत है। ऐसे अवसरों पर, गांधी जैसे धार्मिक सन्त का यज्ञ-मंडप में खड़ा होना और इस विनाश-सत्र को समाप्त करने का आह्वान करना वह मूल प्रेरणा है जो किसी को ‘हिन्द स्वराज’ पढ़ने के बाद अपने अन्तर में महसूस करना चाहिए; पांढरीपांडे की इस किताब को पढ़ने के बाद वह मूल प्रेरणा आसानी से महसूस होती है।

हम जानते हैं कि गांधी-विचार के प्रमुख टिप्पणीकार महाराष्ट्र में हुए। विनोबा भावे, नं. द. जावड़ेकर, दादा धर्माधिकारी आदि की इस समृद्ध परम्परा में प्रो. सु. श्री. पांढरीपांडे भी शामिल हैं। मुझे विश्वास है कि वे इस परम्परा को और समृद्ध करेंगे और उनकी यह कृति पाठकों के विचार जगत में सार्थक और सकारात्मक हस्तक्षेप करेगी।

—डॉ. सदानन्द मोरे 

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Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Shraddha Bharadwaj
Editor Not Selected
Publication Year 2025
Edition Year 2025, Ed. 1st
Pages 224p
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 1
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S.S. Pandharipande

Author: S.S. Pandharipande

 

सु. श्री. पांढरीपांडे

सु. श्री. पांढरीपांडे ने धरमपेठ कॉलेज, नागपुर विश्वविद्यालय, नागपुर में अंग्रेजी का अध्यापन किया। 1985-86 में नागपुर विश्वविद्यालय के ‘गांधी विचारधारा’ विभाग में व्याख्याता एवं विभागाध्यक्ष रहे।

उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं—‘साहित्य : रूप, सन्दर्भ और सौन्दर्य’, ‘ध्रुवपद’, ‘अन्वय’, ‘गांधी : परम्परा और परिवर्तन’, ‘धीरेंद्र मजुमदार : जीवन और कार्य’, ‘स्वराज्य : दिशा और दर्शन’। उन्होंने दादा धर्माधिकारी की तीन मराठी पुस्तकों—‘सर्वोदय-दर्शन’, ‘स्त्री-पुरुष सहजीवन’, ‘क्रान्तिवादी तरुणांनो’ का अंग्रेजी अनुवाद क्रमश: ‘Philosophy of Sarvodaya’, ‘Beyond Gender Games : The Fellowship of Women and Men’, ‘Youth And Revolution’ नाम से किया।

उन्हें ‘महाराष्ट्र सरकार पुरस्कार’, ‘जोशी पुरस्कार’, ‘डॉ. महामहोपाध्याय, डॉ. वा. मि. मिराशी पुरस्कार’, ‘पत्रपंडित पां. वा. गाडगीळ स्मृति सामाजिक-आर्थिक विकास लेखन लोकमत पुरस्कार’, ‘रोहिणी पटवर्धन गुणवत्तापूर्ण सहजीवन पुरस्कार’ (पत्नी दमयंती के साथ) से सम्मानित किया गया है।

 

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