Garden Party Aur Anya Kahaniyan

Fiction : Stories
Translator: Shahid Akhtar
You Save 20%
Out of stock
Only %1 left
SKU
Garden Party Aur Anya Kahaniyan

कैथरीन के एक अधूरे उपन्यास का एक अंश है : “इस जीवन को जियो, जूलियट। क्या शॉपेन अपनी आकांक्षाओं को, अपनी नैसर्गिक इच्छाओं को पूरा करने से डरा था? नहीं, इसीलिए वह इतना महान है। तुम ठीक उसी चीज़ को अपने से दूर क्यों कर रही हो जिसकी तुम्हें ज़रूरत है—परम्पराओं की वजह से? अपनी नैसर्गिकता को इस तरह बौना क्यों बनाती हो, क्यों अपना जीवन बरबाद करती हो?...तुमने उन सबसे आँखें मूँद ली हैं, कान बन्द कर लिए हैं जिसके लिए कोई इनसान जी सकता है।’’ जीने के लिए यह उद्बोधन, परम्पराओं और रूढ़ियों का विरोध, यह विचार कि भविष्य अपनी इच्छाओं से भी बनता है, यह मैन्सफ़ील्ड के लेखन का केन्द्रीय तत्त्व है। यहाँ जो बातें सपाट ढंग से कह दी गई हैं, आगे अपनी कहानियों के ताने-बाने में इस सोच के धागों को करीने से बुनना उसने सीख लिया। सामाजिक यथार्थ, कमज़ोरी के प्रति सहानुभूति और बाद के दौर में, अन्तश्चेतना पर ज़ोर उसकी कहानियों का मूल तत्त्व है। उसके सभी कहानी-संग्रहों का रूसी तथा सोवियत संघ की अन्य भाषाओं में अनुवाद हुआ और वह वहाँ बेहद लोकप्रिय रहीं।

More Information
Language Hindi
Format Hard Back, Paper Back
Publication Year 2007
Edition Year 2007, Ed. 1st
Pages 196p
Translator Shahid Akhtar
Editor Not Selected
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 22 X 14.5 X 1.5
Write Your Own Review
You're reviewing:Garden Party Aur Anya Kahaniyan
Your Rating

Editorial Review

It is a long established fact that a reader will be distracted by the readable content of a page when looking at its layout. The point of using Lorem Ipsum is that it has a more-or-less normal distribution of letters, as opposed to using 'Content here

Katherine Mansfield

Author: Katherine Mansfield

कैथरीन मैन्सफ़ील्ड

जन्‍म : 14 अक्‍टूबर, 1888

कैथरीन मैन्सफ़ील्ड ने बीसवीं शताब्दी की अंग्रेज़ी कहानी को एक नई शैली दी। मनोवैज्ञानिक द्वन्द्वों-टकरावों पर केन्द्रित उनकी कहानियों में सूक्ष्म प्रेक्षण और आम लोगों के जीवन में प्रवेश करने की ऐसी कला दिखाई देती है जो चेख़व की याद दिलाती है। कथानक और अन्त से मुक्त उनकी अधिकांश कहानियाँ आन्तरिक जीवन के विस्तार, भावनाओं की काव्यात्मकता और व्यक्तित्व के गोपन-अगोपन पहलुओं को उभारने की दृष्टि से अप्रतिम स्थान रखती हैं।

निधन : 9 जनवरी, 1923

Read More
Books by this Author

Back to Top