Gaharaiyan Aur Oonchaiyan : Sahitya, Sanskriti Aur Sabhyata Ka Chintan

Literary Criticism,Raza Pustak Mala,Discourse,Culture
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Gaharaiyan Aur Oonchaiyan

"रजा पुस्तक माला की यह कोशिश है कि हिन्‍दीतर भारतीय भाषाओँ के लेखक क्या लिख-सोच रहे हैं, उसका महत्त्वपूर्ण और प्रासंगिक हिस्सा हिन्‍दी में प्रकाशित किया जाए। इसी प्रयत्न के अन्‍तर्गत मराठी लेखक-नाटककार के आलोचनात्मक लेखन के एक संचयन का हिन्‍दी-मराठी विद्वान निशिकान्त ठकार द्वारा किया गया अनुवाद यहाँ प्रस्तुत है। हमें उम्मीद है कि ऐसी सामग्री से हिन्‍दी के विचार और आलोचनात्मक चिन्‍तन का परिसर विस्तृत और समृद्ध होगा।"    

–अशोक वाजपेयी

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Language Hindi
Format Paper Back
Publication Year 2019
Edition Year 2019, Ed. 1st
Pages 201p
Translator Nishikant Thakar
Editor Nishikant Thakar
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 22.5 X 14.5 X 2
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Editorial Review

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Shyam Manohar

Author: Shyam Manohar

श्याम मनोहर

जन्म : 27 फरवरी, 1942।

मराठी के बहुचर्चित लेखक और चिन्तक हैं। पिछले पचास बरसों से लिख रहे श्याम मनोहर भौतिक विज्ञान के प्राध्यापक रहे हैं। वे लगभग 7-8 वर्ष पुणे विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग से सृजनात्मक लेखन (नाटक) के अतिथि प्रोफ़ेसर के नाते भी जुड़े हुए थे।

उनके अब तक दो कहानी-संकलन, आठ नाटक, नौ उपन्यास और एक भाषणों तथा समीक्षापरक लेखों का संकलन प्रकाशित हुए हैं और उन्हें मराठी के नामचीन प्रकाशकों ने प्रकाशित किया है। उनकी कई सारी रचनाएँ हिन्दी, कन्नड़, तेलुगू, तमिल, मलयालम तथा अन्य भाषाओं में अनूदित हुई हैं जिनमें उनका हिन्दी में अनूदित एक उपन्यास ‘बहुत लोग हैं’ (अनुवाद : निशिकान्त ठकार) विशेष उल्लेखनीय है। उनके उपन्यास पर ‘लिमिटेड माणुसकी’ फ़िल्म भी बनी है। उन्हें कहानी, उपन्यास और नाटकों के लिए कई राष्ट्रीय तथा राज्यस्तरीय पुरस्कार मिले हैं जिनमें ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’, ‘कुवेम्पु राष्ट्रीय पुरस्कार’, ‘सुमनांजलि राष्ट्रीय पुरस्कार’, ‘जीवन गौरव’ आदि पुरस्कार शामिल हैं।

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