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Door Se Dikh Jati Hai Barish

Author: Vijay Rahi
Edition: 2026, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
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Door Se Dikh Jati Hai Barish

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हिन्दी कविता के अत्यन्त विस्तृत देश में अब तक शामिल न हो सके ढूँढाड़-माड़ जीवन को पूरी गरिमा और रागी आत्मीयता के साथ लेकर आए विजय राही मूलतः वृत्तान्त के कवि हैं। वे त्रिलोचन, केदारनाथ सिंह, भगवत रावत, ऋतुराज, अरुण कमल, प्रभात आदि कवियों की धारा में अपना कवि-कर्म कर रहे हैं। साधारण वृत्तान्त का कविता में बदलना इस बात पर निर्भर है कि कवि को मर्म की कितनी पहचान है और वह आम भाषा की माटी को मार्मिकता के जल से कैसे मिलाता है।

कहना न  होगा ‘बहन’ आदि कविताओं में विजय यह काम किसी सिद्ध कलावंत की तरह कर पाए हैं। मार्मिकता मूलत: और अन्ततः करुणा है। करुणा सार्वभौमिक, सार्वदेशीय और सार्वकालिक नहीं होती। समय, देश, वर्गीय सामाजिक अवस्थिति के अनुसार ही करुणा मनुष्य को छूती है। इनके परिवर्तन से करुणा के प्रति मनुष्य का बर्ताव बदलता जाता है।

विजय राही जैसे युवा कवि को अपने देशज जीवनानुभवों से इसकी गहरी समझ है। ‘बहन’ कविता में इसका जटिल विडम्बनात्मक प्रकटीकरण, अतिपरिचित दिखने के बावजूद अचरज में डालता है। पुरुषवाचक के मन में ससुराल में नाख़ुश बहन के प्रति आक्रोश-भरी करुणा है परन्तु माँ दुखी होने के बावजूद उसे छुपाने और उसका उलट दिखाने के लिए विवश है। दुखद वास्तविकताओं पर परदा सामंती पितृसत्तात्मक समाज में गँवई स्त्री-जीवन की विडम्बनाओं की एक झलक-भर है।

विजय राही की इन कविताओं में वृत्तान्त दो जीवनवृतों—गँवई जीवन और स्त्री जीवन—को विस्तार से प्रकट करता है। दोनों वृत्तों में कविताएँ एक प्रकार की पृथक शृंखला भी हैं और परस्पर सम्बद्ध भी। जैसे किसी एक ही महाख्यान के दो स्वतंत्र परन्तु सम्बद्ध अध्याय। वृत्तान्त यानी यथार्थ के प्रकटीकरण का सबसे सहज और पारम्परिक अस्त्र। अति पुरातन और अति नवीन।

—आशीष त्रिपाठी

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Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2026
Edition Year 2026, Ed. 1st
Pages 136p
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 20 X 13 X 1
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Vijay Rahi

Author: Vijay Rahi

विजय राही

विजय राही का जन्म 03 फ़रवरी, 1990 को बिलौना कलाँ, लालसोट, दौसा, राजस्थान में हुआ। प्रारम्भिक शिक्षा गाँव के सरकारी स्कूल से हुई। हिन्दी विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से स्नातकोत्तर किया।

प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं, ब्लॉग्स और वेबसाईट्स पर उनकी कविताएँ प्रकाशित हैं। कविताओं का अंग्रेजी, उर्दू, पंजाबी, मराठी, नेपाली और मंदारिन में अनुवाद। दर्जन भर साझा संग्रहों में कविताएँ प्रकाशित। दूरदर्शन और आकाशवाणी पर कविताओं का प्रसारण।

सम्प्रति : राजकीय महाविद्यालय, कानोता, जयपुर में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर (हिन्दी) के पद पर कार्यरत।

ई-मेल : [email protected]

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