Facebook Pixel

Bhasha Vigyan : Shyam Sundar Das

Edition: 2020, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Lokbharti Prakashan
As low as ₹510.00 Regular Price ₹600.00
15% Off
In stock
SKU
भाषा विज्ञान

- +
Share:
Codicon
More Information
Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2020
Edition Year 2020, Ed. 1st
Pages 252p
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14.5 X 1.5
Write Your Own Review
You're reviewing:Bhasha Vigyan : Shyam Sundar Das
Your Rating
Shyam Sundar Das

Author: Shyam Sundar Das

श्यामसुंदर दास

जन्म : सन् 1875 ई.; काशी में।

शिक्षा : 1897 ई. में बी.ए. पास किया था।

सन् 1899 ई. में हिन्दू स्कूल में कुछ दिनों तक अध्यापक थे। उसके बाद लखनऊ के कालीचरण स्कूल में बहुत दिनों तक हेडमास्टर रहे। सन् 1921 ई. में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के अध्यक्ष पद पर नियुक्त हुए।

प्रारम्भ से ही हिन्दी के प्रति आपकी अनन्य निष्ठा थी। नागरीप्रचारिणी सभा की स्थापना
(16 जुलाई, 1893 ई.) आपने विद्यार्थी-काल में ही अपने डॉ. सहयोगियों रामनारायण मिश्र और ठाकुर शिवकुमार सिंह की सहायता से की थी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में आने के पूर्व आपने हिन्दी-साहित्य की सर्वतोमुखी समृद्धि के लिए न्यायालयों में ‘हिन्दी-प्रवेश का आन्दोलन’ (1900 ई.); ‘हस्तलिखित ग्रन्थों की खोज’ (1899 ई.); ‘हिन्दी शब्द सागर' का सम्पादन (1907 ई.) आर्य भाषा पुस्तकालय की स्थापना (1903 ई.), ‘सरस्वती' पत्रिका का सम्पादन (1900 ई.) तथा शिक्षा-स्तर के अनुरूप पाठ्य-पुस्तकों का निर्माण-कार्य आरम्भ कर दिया था। आप आजीवन एक गति में साहित्य-सेवा में रत रहे।

प्रमुख कृतियाँ : ‘नागरी वर्णमाला’; ‘हिन्दी हस्तलिखित ग्रन्थों का वार्षिक खोज विवरण’; ‘हिन्दी हस्तलिखित ग्रन्थों की खोज का प्रथम त्रैवार्षिक विवरण’; ‘हिन्दी कोविद रत्नमाला' भाग 1, 2; ‘साहित्यालोचन'; ‘भाषा विज्ञान'; ‘हिन्दी भाषा का विकास'; ‘हस्तलिखित हिन्दी ग्रन्थों का संक्षिप्त विवरण'; ‘गद्य कुसुमावली'; ‘भारतेन्दु हरिश्चन्द्र'; ‘हिन्दी भाषा और साहित्य'; ‘गोस्वामी तुलसीदास’; ‘रूपक रहस्य'; ‘भाषा रहस्य’ भाग-1; ‘हिन्दी गद्य के निर्माता’ भाग 1, 2; ‘मेरी आत्म कहानी'।

निधन : सन् 1945 ई. में।

Read More
Books by this Author
New Releases
Back to Top