Bharat Ki Aantrik Suraksha : Chunautiyan Aur Samadhan

General Studies
500%
() Reviews
As low as ₹150.00
ISBN:9789389598520
In stock
SKU
Bharat Ki Aantrik Suraksha : Chunautiyan Aur Samadhan
- +

वर्तमान समय में देश की आन्तरिक सुरक्षा की रणनीति भी उतनी ही तेज़ी से बदल रही है जितनी तेज़ी से चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए देश की आन्तरिक सुरक्षा के समक्ष उपस्थित सभी प्रमुख चुनौतियों के कारण और समाधान को इस पुस्तक में ऐसे प्रस्तुत किया गया है जिससे एक मौलिक और अवधारणात्मक समझ बन सके।

यह पुस्तक सिविल सेवा में पूछे जानेवाले प्रश्नों की गतिशील प्रकृति को ध्यान में रखकर लिखी गई है जिससे उत्तर लेखन में विशेष सहायता मिल सकेगी।

पुस्तक में आतंक के नए स्वरूपों, आर्थिक अपराधों, भारतीय संघ की अखंडता से सम्बन्धित मुद्दों को नए सन्‍दर्भों के साथ उठाया गया है। इसमें उन सभी पहलुओं को तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक तौर पर प्रस्तुत किया गया है जो सिविल सेवा और विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।

इस पुस्तक को समावेशी बनाने का प्रयास करते हुए पाठ्यक्रम के सभी महत्त्वपूर्ण विषयों को प्रासंगिक रूप में प्रस्तुत किया गया है।

More Information
Language Hindi
Format Paper Back
Publication Year 2020
Edition Year 2020, Ed. 1st
Pages 136p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Rajkamal Prakashan - Akshar
Dimensions 22 X 14 X 1
Write Your Own Review
You're reviewing:Bharat Ki Aantrik Suraksha : Chunautiyan Aur Samadhan
Your Rating

Editorial Review

It is a long established fact that a reader will be distracted by the readable content of a page when looking at its layout. The point of using Lorem Ipsum is that it has a more-or-less normal distribution of letters, as opposed to using 'Content here

Vivek Ojha

Author: Vivek Ojha

विवेक ओझा

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से ‘अन्तरराष्ट्रीय सम्‍बन्‍ध’ विषय का अध्ययन।

‘जनसत्ता’, ‘दैनिक जागरण’, ‘नवभारत टाइम्स’, ‘राष्ट्रीय सहारा’, ‘वर्ल्ड फ़ोकस’ जैसे प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पत्र-पत्रिकाओं में लेख प्रकाशित।

अन्तरराष्ट्रीय राजनीति और आन्तरिक सुरक्षा के प्रमुख विषयों पर टीवी चैनलों में सक्रिय भागीदारी।

फ़िलहाल, पिछले कई वर्षों से सिविल सेवा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।

Read More
Books by this Author

Back to Top