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Arsalan aur Bahzad

Author: Khalid Javed
Translator: Iquebal Hussain
Edition: 2025, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
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Arsalan aur Bahzad

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ख़ालिद जावेद का नाम समकालीन उर्दू उपन्यास की पहचान भी है और शान भी। ‘अरसलान और बहज़ाद’ जादुई कहानियों के इस रचयिता का तीसरा उपन्यास है। जिसमें यथार्थ तल में है और सतह पर ऐसी ना-मुमकिन और अमूर्त घटनाएँ कि पढ़ने वाला हैरतज़दा रह जाए। प्रेम, करुणा, अपमान, क्रोध और महरूमी को इस दास्तान में जिस आवर्धक लेंस से देखा गया है, वह जीवन के प्रति हमें कभी बेज़ार करता है तो कभी उसकी निरर्थकता को हम पर और रोशन करता है। अगर आप ख़ालिद जावेद की लेखनी से परिचित हैं तो इसमें आपको महीन और गहरे ख़यालात की विस्तृत दुनिया से शनासाई होगी और अगर आप उन्हें इसी उपन्यास से पहली दफ़ा जान रहे हैं तो आप उनकी पिछली कृतियों के अध्ययन के लिए ख़ुद को विवश पाएँगे। ख़ालिद जावेद अपने पिछले दो उपन्यासों, ‘मौत की किताब’ और ‘नेमतख़ाना’ से हिन्दी पाठकों तक पहुँच कर पहले भी, कथ्य और क्राफ्ट की नई लहरों से परिचित करवा चुके हैं। ‘अरसलान और बहज़ाद’ इसी सिलसिले में एक ज़बरदस्त इज़ाफ़ा है, जिसे मौजूदा उर्दू फ़िक्शन के एक बड़े कारनामे के तौर पर तस्लीम किया जा चुका है।

More Information
Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Iquebal Hussain
Editor Not Selected
Publication Year 2025
Edition Year 2025, Ed. 1st
Pages 302
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 19.8 X 12.9 X 1.6
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Khalid Javed

Author: Khalid Javed

ख़ालिद जावेद

ख़ालिद जावेद का जन्म 9 मार्च, 1963 को बरेली, उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने इस्लामिया इंटर कॉलेज, बरेली से बी.एससी. किया। दर्शन शास्त्र और उर्दू में एम.ए. किया। बरेली कॉलेज, बरेली में कुछ वर्षों तक दर्शन शास्त्र का अध्यापन किया। जामिया मिल्लिया इस्लामिया से उर्दू में पी-एच.डी. की।

वे उर्दू विभाग, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दिल्ली से 2025 में प्रोफ़ेसर के पद से सेवानिवृत्त हुए। उनकी प्रकाशित पुस्तकें हैं—‘बुरे मौसम में’, ‘आख़िरी दावत’, ‘तफ़रीह की एक दोपहर’ (कहानी-संग्रह); ‘मौत की किताब’, ‘नेमत ख़ाना’, ‘एक खंजर पानी में’ (उपन्यास); ‘मिलान कुंदेरा’ (आलोचना); ‘कहानी, मौत और विदेशी भाषा’ (लेख)। उनकी रचनाएँ कई भारतीय और विदेशी भाषाओं में अनूदित हैं। ‘नेमत ख़ाना’ के अंग्रेज़ी अनुवाद ‘The Paradise of Food’ के लिए उन्हें ‘जेसीबी प्राइज़’ (2022) से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें ‘कथा सम्मान’, ‘उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी सम्मान’, ‘दिल्ली उर्दू अकादमी सम्मान’ से सम्मानित किया गया है।

ई-मेल : [email protected]

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