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Uchchattar Samashthi Arthshastra-Paper Back

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9789352210497
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अर्थशास्त्र के समष्टि सिद्धान्त के तहत राष्ट्रीय आय, श्रमिकों के लिए रोज़गार के अवसर, सामान्य क़ीमत स्तर का निर्धारण, देश का भुगतान सन्तुलन और विदेशी विनिमय दर जैसे विभिन्न महत्त्वपूर्ण विषयों को सहज ढंग से प्रस्तुत किया गया है। प्रस्तुत संस्करण में समष्टिगत अर्थशास्त्र के क्षेत्र में हुए आधुनिक परिवर्तनों का यथासम्भव प्रयास किया गया है। साथ ही, विभिन्न विश्वविद्यालयों के पाठक्रमों में हुए परिवर्तनों के आधार पर नवीन सामग्री का समावेश भी किया गया है। कुल मिलाकर इस पुस्तक में मूलत: सैद्धान्तिक पक्ष पर ध्यान केन्द्रित किया गया है।

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Language Hindi
Binding Hard Back, Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2015
Edition Year 2015, Ed. 20th
Pages 647p
Price ₹360.00
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 23 X 15 X 2.5
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V.C. Sinha

Author: V.C. Sinha

डॉ. वी.सी. सिन्हा

जन्म : 1940; ज़िला—सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश।

शिक्षा : इलाहबाद विश्वविद्यालय से एम.कॉम. की परीक्षा प्रथम श्रेणी में, एम.ए. अर्थशास्त्र की परीक्षा विक्रम विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण की जिसमें प्रथम श्रेणी में प्रथम रहे। पीएच.डी. और डी.लिट्. की डिग्रि‍याँ आपने अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा से प्राप्त कीं।

अध्यापन का लगभग 40 वर्षों का अनुभव। प्रारम्‍भ में लगभग 16 वर्षों तक मध्य प्रदेश के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में वाणिज्य व अर्थशास्त्र विषयों के अध्यापन का कार्य किया। इसके पश्चात् अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में व्यावसायिक अर्थशास्त्र एवं व्यावसायिक प्रबन्धन विभाग के विभागाध्यक्ष तथा विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में कार्यरत रहे। लगभग 50 रिसर्च पेपर राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। अर्थशास्त्र एवं वाणिज्य विषयों की 30 पुस्तकों का लेखन कार्य। ‘समष्टिगत अर्थशास्त्र’, ‘औद्योगिक अर्थशास्त्र’ तथा ‘अन्‍तरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र’ पुस्तकों का मराठी में भी अनुवाद किया है। बेनहम की पुस्तक ‘अर्थशास्त्र’ का हिन्‍दी में अनुवाद भी किया है। सम्प्रति डॉ. सिन्हा शोध-निदेशन व लेखन-कार्य के अतिरिक्त श्री रामकृष्ण सेवा संस्थान, रीवा के अध्यक्ष हैं जिसके माध्यम से सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं।

 

 

 

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