भगतीवचरण वर्मा ने साहित्य की विभिन्न विधाओं को अनेक महत्त्वपूर्ण कृतियाँ दी हैं। इन कृतियों के पीछे कौन-सी प्रेरक शक्तियाँ रही हैं और कौन-से सिद्धान्त वर्मा जी के लेखकीय जीवन की आधारभूमि हैं, यह जानना भगवती बाबू के असंख्य पाठकों की जिज्ञासा का विषय रहा है। इन तमाम जिज्ञासाओं के समाधान की खोज का परिणाम है : भगवतीचरण का महत्त्वपूर्ण सैद्धान्तिक ग्रन्थ—‘साहित्य के सिद्धान्त तथा रूप’।
इस ग्रन्थ में लेखक की प्रतिज्ञा एकदम भिन्न और नए रूप में प्रकट हुई है। यहाँ साहित्य के सिद्धान्तों का विश्लेषण शुष्क शास्त्रीय ढंग से नहीं, लेखक के आधी शताब्दी के अनुभवों के आधार पर हुआ है। ग्रन्थ में रचना-प्रक्रिया का व्यावहारिक विश्लेषण है और साथ ही लेखक के रचना-संसार की कठिनाइयों से साक्षात्कार भी। यह कृति पाठकों तथा शोधकर्ताओं के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगी।
| Language | Hindi |
|---|---|
| Binding | Hard Back |
| Translator | Not Selected |
| Editor | Not Selected |
| Edition Year | 2000 |
| Pages | 193p |
| Price | ₹200.00 |
| Publisher | Rajkamal Prakashan |
| Dimensions | 21.5 X 13.5 X 1.5 |
Author: Bhagwaticharan Verma
भगवतीचरण वर्मा
जन्म : 30 अगस्त, 1903; उन्नाव ज़िले (उ.प्र.) का शफीपुर गाँव।
शिक्षा : इलाहाबाद से बी.ए., एल.एल.बी.।
प्रारम्भ में कविता-लेखन। फिर उपन्यासकार के नाते विख्यात। 1933 के क़रीब प्रतापगढ़ के राजा साहब भदरी के साथ रहे। 1936 के लगभग फ़िल्म कार्पोरेशन, कलकत्ता में कार्य। कुछ दिनों ‘विचार’ नामक साप्ताहिक का प्रकाशन-सम्पादन। इसके बाद बम्बई में फ़िल्म-कथालेखन तथा दैनिक ‘नवजीवन’ का सम्पादन। फिर आकाशवाणी के कई केन्द्रों में कार्य। बाद में, 1957 से मृत्यु-पर्यन्त स्वतंत्र साहित्यकार के रूप में लेखन। ‘चित्रलेखा’ उपन्यास पर दो बार फ़िल्म-निर्माण और ‘भूले-बिसरे चित्र’ ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’ से सम्मानित। ‘पद्मभूषण’ तथा राज्यसभा की मानद सदस्यता प्राप्त।
प्रकाशित पुस्तकें : ‘अपने खिलौने’, ‘पतन’, ‘तीन वर्ष’, ‘चित्रलेखा’, ‘भूले-बिसरे चित्र’, ‘टेढ़े-मेढ़े रास्ते’, ‘सीधी सच्ची बातें’, ‘सामर्थ्य और सीमा’, ‘रेखा’, ‘वह फिर नहीं आई’, ‘सबहिं नचावत राम गोसाईं’, ‘प्रश्न और मरीचिका’, ‘चाणक्य’, ‘थके पाँव’, ‘युवराज चूण्डा’, ‘धुप्पल’ (उपन्यास); ‘प्रतिनिधि कहानियाँ’, ‘मेरी कहानियाँ’, ‘मोर्चाबन्दी’ तथा ‘सम्पूर्ण कहानियाँ’ (कहानी-संग्रह); ‘मेरी कविताएँ’, ‘सविनय और एक नाराज कविता’ (कविता-संग्रह); ‘मेरे नाटक’, ‘वसीयत’, ‘सम्पूर्ण नाटक’ (नाटक); ‘अतीत के गर्त में’, ‘कहि न जाय का कहिए’ (संस्मरण); ‘साहित्य के सिद्धान्त तथा रूप’ (साहित्यालोचन); ‘भगवतीचरण वर्मा रचनावली’—14 खंड (सम्पूर्ण रचनाएँ)।
निधन : 5 अक्टूबर, 1981
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