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Potpakshi-Hard Cover

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9788171199693
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सुजश। आधुनिक, आत्मनिर्भर, स्वतंत्र और अपने में बेहद सुलझी हुई लड़की। आर्किटेक्चर की दुनिया में एक रचनात्मक मेधा। सुजश। जिसने अपनी माँ के रूढ़िग्रस्त और उत्पीड़क व्यवहार का सामना करते हुए अपनी राह ख़ुद बनाई और नौ साल तक घर की तरफ़ मुड़कर नहीं देखा। वही सुजश अपने से उम्र में काफ़ी बड़े और विवाहित वासुदेव के प्रेम में घिरती हुई धीरे-धीरे पूरी तरह डूबने-डूबने को हो जाती है, लेकिन हठात् एक लहर उसे पुनः किनारे की तरफ़ खींच ले जाती है। वासुदेव को अचानक पता चलता है कि अपनी जिस पत्नी को वे सुजश के लिए तलाक़ देने जा रहे हैं, वह गर्भवती है। फ़ैसला सुजश करती है और लम्बी छुट्टी लेकर सुकून की तलाश में निकल जाती है।

इस उपन्यास में लेखिका किसी पात्र या परिस्थिति पर कोई वेल्यू जजमेंट नहीं देतीं, न यह कहती हैं कि सुजश और वासुदेव का प्रेम ठीक है अथवा ग़लत। वह बस एक कहानी को अपने पूरे प्रवाह के साथ हमारे सामने रख देती हैं। रोचक और पठनीय उपन्यास।

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Kamla Vishwanath
Editor Not Selected
Isbn 10 8171199690
Publication Year 2004
Edition Year 2004, Ed. 1st
Pages 127p
Price ₹125.00
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1.5
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Author: Shivshankari

शिवशंकरी

जन्म : 14 अक्टूबर, 1942

तमिल लेखिका शिवशंकरी साहित्य के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं, इसीलिए उनके लेखन में उनके सामाजिक सरोकार गहराई से गुँथे होते हैं। नशीली दवाओं के सेवन, शराबख़ोरी और वरिष्ठ नागरिकों की समस्या पर उनके अनेक उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं।

अभी तक उनके खाते में लगभग 150 कहानियाँ, 30 उपन्यास, 13 यात्रा-वृत्तान्त और श्रीमती इंदिरा गांधी तथा जी.डी. नायडू की जीवनियाँ दर्ज हो चुकी हैं। आजकल वे ‘निट इंडिया थ्रो लिटरेचर’ शीर्षक परियोजना में व्यस्त हैं। देश की मान्यता-प्राप्त अठारहों भाषाओं के रचनाकारों के साक्षात्कारों पर आधारित इस परियोजना का पहला खंड (दक्षिण भारत पर केन्द्रित) अंग्रेज़ी, तमिल व हिन्दी में प्रकाशित हो चुका है।

लेखन के अलावा ऑडियो कैसेट और टेलीविज़न के लिए भी काम।

विभिन्न साहित्यिक व कला संस्थानों, पत्रिकाओं और संगठनों द्वारा अनेक पुरस्कारों और उपाधियों से सम्मानित, जिनमें प्रमुख हैं—‘कस्तूरी श्रीनिवासन अवार्ड‘, ‘डॉ. राजा सर अन्नामलाई चेट्टियार अवार्ड’, ‘राजीव विरुदु’, ‘तमिल अन्नाई अवार्ड’, ‘मेल्विन जोंस अवार्ड’, ‘राजीव गांधी नेशनल इंटीग्रेशन अवार्ड’, ‘तेलगू आट् र्स अकादमी अवार्ड’, ‘स्त्री रत्न अवार्ड’, ‘मनुश्री व मानद नागरिक सम्मान’ आदि।

अनेक सामाजिक व साहित्यिक संस्थाओं में सम्मानित पदों पर कार्य। दक्षिण भारतीय शास्त्रीय संगीत व भरतनाट्यम में भी पारंगत।

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