Pashchatya Kavyashastra Ke Siddhant

Literary Criticism
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Pashchatya Kavyashastra Ke Siddhant
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यूनानी दार्शनिक प्लेटो, जिसे भारत में अफ़लातून के नाम से जाना जाता है, के साहित्य सम्बन्धी विचारों से लेकर बीसवीं शताब्दी के ब्रिटिश समीक्षकों के साहित्य सम्बन्धी विचारों तक को समेटने का प्रयास इस पुस्तक में किया गया है और एक अपेक्षाकृत दुरूह समझे जानेवाले विषय को बोधगम्य बनाने का प्रयत्न किया गया है। आशा है, इस पुस्तक को पढ़कर पाठकों को पाश्चात्य समीक्षा के मूल ग्रन्थों को पढ़ने की भी प्रेरणा मिलेगी।

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 2019
Edition Year 2019, Ed. 1st
Pages 231p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1.5
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Editorial Review

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Brahma Dutt Sharma

Author: Brahma Dutt Sharma

डॉ. ब्रह्मदत्त शर्मा

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद में १ मई, १९४१ को जन्मे डॉ. ब्रह्मदत्त शर्मा कुमायूँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के अंग्रेजी विभाग के आचार्य एवं अध्यक्ष पद से सेवा निवृत्त हुए। तत्पश्चात् उन्होंने ताइज़ विश्वविद्यालय, यमन में अंग्रेजी के आचार्य एवं अध्यक्ष के रूप में सेवाएँ दीं। प्रो. शर्मा पाँच वर्षों तक कुमायूँ विश्वविद्यालय के नैनीताल परिसर के निदेशक भी रहे। आप अंग्रेजी साहित्य के साथ-साथ हिन्दी में भी परास्नातक हैं। अमेरिकन साहित्य में अपनी पी-एच.डी. तथा डी.लिट्. उपाधियाँ मेरठ विश्वविद्यालय से प्राप्त की हैं व साथ ही केन्द्रीय अंग्रेजी संस्थान, हैदराबाद से डिप्लोमा प्राप्त किया है। अब तक अंग्रेजी में पाँच पुस्तकें, भाषा विज्ञान पर एक पुस्तक, एक उपन्यास, एक कहानी संकलन, एक कविता संग्रह तथा हिन्दी में एक कविता संग्रह, अनेक कहानियाँ व भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम का इतिहास प्रकाशित किया है। इसके अतिरिक्त प्रो. शर्मा ने अंग्रेजी के लेखकों के साथ-साथ कबीरदास, तुलसीदास, केशवदास, अमृतलाल नागर, लक्ष्मी नारायण मिश्र, रामधारी सिंह दिनकर तथा महादेवी वर्मा जैसे हिन्दी लेखकों पर भी अपने शोध आलेख प्रकाशित किये हैं। प्रो. शर्मा अपने परिवार के साथ हापुड़ एवं प्रयागराज में साहित्य साधना कर समय बिताते हैं।.

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