Facebook Pixel

Nakel-Hard Cover

Special Price ₹63.75 Regular Price ₹75.00
15% Off
Out of stock
SKU
9788171195862
Share:
Codicon

शिवशंकरी का लेखन समाज की मुख्यधारा में सीधे हस्तक्षेप करनेवाला है। वे जीवन की पेचीदा परिस्थितियों को गहरी संलग्नता और सरलता के साथ उठाती हैं और किसी भी प्रकार के बौद्धिक आडम्बर से बचते हुए समस्या को उसके तार्किक अन्त तक ले जाती हैं।

‘नकेल’ एक ऐसी स्त्री की कहानी है जो अपने जीवन की एक अत्यन्त जटिल समस्या को न सिर्फ़ धैर्य, साहस और समझदारी के साथ हल करती है, बल्कि उसे एक मिसाल के तौर पर समाज के सामने स्थापित भी कर देती है। वह अपने प्रौढ़वय पति की शादी उसकी नौजवान प्रेमिका से कराती है और अपने लिए चुनती है उस वासनालोलुप पुरुष से स्थायी मुक्ति और अपने बच्चों की जिम्मेदारी। इस फ़ैसले को अंजाम देने के रास्ते में उसे घर–बाहर से विरोध भी झेलना पड़ता है, लेकिन अपने बच्चों के भविष्य और पति के निरंकुश आचरण को नियंत्रित करने के लिए वह दृढ़तापूर्वक इस पर क़ायम रहती है। और इस प्रकार एक ऐसी स्त्री की रूपरेखा उभरकर सामने आती है जो एक व्यक्ति की गरिमा से विभूषित भी है।

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Isbn 10 8171195865
Publication Year 2000
Edition Year 2000, Ed. 1st
Pages 87p
Price ₹75.00
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 18.5 X 12.5 X 1
Write Your Own Review
You're reviewing:Nakel-Hard Cover
Your Rating

Author: Shivshankari

शिवशंकरी

जन्म : 14 अक्टूबर, 1942

तमिल लेखिका शिवशंकरी साहित्य के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं, इसीलिए उनके लेखन में उनके सामाजिक सरोकार गहराई से गुँथे होते हैं। नशीली दवाओं के सेवन, शराबख़ोरी और वरिष्ठ नागरिकों की समस्या पर उनके अनेक उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं।

अभी तक उनके खाते में लगभग 150 कहानियाँ, 30 उपन्यास, 13 यात्रा-वृत्तान्त और श्रीमती इंदिरा गांधी तथा जी.डी. नायडू की जीवनियाँ दर्ज हो चुकी हैं। आजकल वे ‘निट इंडिया थ्रो लिटरेचर’ शीर्षक परियोजना में व्यस्त हैं। देश की मान्यता-प्राप्त अठारहों भाषाओं के रचनाकारों के साक्षात्कारों पर आधारित इस परियोजना का पहला खंड (दक्षिण भारत पर केन्द्रित) अंग्रेज़ी, तमिल व हिन्दी में प्रकाशित हो चुका है।

लेखन के अलावा ऑडियो कैसेट और टेलीविज़न के लिए भी काम।

विभिन्न साहित्यिक व कला संस्थानों, पत्रिकाओं और संगठनों द्वारा अनेक पुरस्कारों और उपाधियों से सम्मानित, जिनमें प्रमुख हैं—‘कस्तूरी श्रीनिवासन अवार्ड‘, ‘डॉ. राजा सर अन्नामलाई चेट्टियार अवार्ड’, ‘राजीव विरुदु’, ‘तमिल अन्नाई अवार्ड’, ‘मेल्विन जोंस अवार्ड’, ‘राजीव गांधी नेशनल इंटीग्रेशन अवार्ड’, ‘तेलगू आट् र्स अकादमी अवार्ड’, ‘स्त्री रत्न अवार्ड’, ‘मनुश्री व मानद नागरिक सम्मान’ आदि।

अनेक सामाजिक व साहित्यिक संस्थाओं में सम्मानित पदों पर कार्य। दक्षिण भारतीय शास्त्रीय संगीत व भरतनाट्यम में भी पारंगत।

Read More
Books by this Author
New Releases
Back to Top