Facebook Pixel

McCluskieganj-Paper Back

Special Price ₹629.10 Regular Price ₹699.00
10% Off
In stock
SKU
9788126718498
- +
Share:
Codicon

“बचे खुचे एंग्लो-इंडियन लोगों की मौत के साथ यह गाँव भी पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
मि. मैकलुस्की के सपनों का कब्रिस्तान...। एंग्लो-इंडियंस के दर्दनाक इतिहास की कहानी कहता एक बेपनाह सन्नाटा भर रह जाएगा यहाँ...। उस दर्द को आनेवाले समय में कौन महसूस करेगा?” मि. मिलर की आवाज़ अँधेरे में डूब रही है।

रॉबिन को लगा, इस गाँव की चौहद्दी के भीतर की धरती ज़ोरों से धड़क रही है। महसूस कर रहा है वह, इसकी तेज़ धड़कन को। मनुष्य मूर्च्छित हो सकता है, संज्ञाशून्य हो सकता है, उसके विचार विक्षिप्त हो सकते हैं, पर धरती...मातृभूमि कभी मूर्च्छित...संज्ञाशून्य और विक्षिप्त नहीं हो सकती। इसका अनुराग...प्यार-भरी गुनगुनी-सी मीठी उष्मा, धड़कती रहेगी अनन्त काल तक।

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back, Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2010
Edition Year 2026, Ed. 4th
Pages 534p
Price ₹699.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 3.5
Write Your Own Review
You're reviewing:McCluskieganj-Paper Back
Your Rating
Vikas Kumar Jha

Author: Vikas Kumar Jha

विकास कुमार झा

10 जुलाई, 1961 को बैरगिनिया, सीतामढ़ी, बिहार में जन्मे विकास कुमार झा हिन्दी पत्रकारिता के एक समर्थ हस्ताक्षर हैं। 
उनकी प्रकाशित कृतियाँ हैं—‘बिहार में राजनीति का अपराधीकरण’, ‘सत्ता के सूत्रधार : आजादी के बाद का भारत’ (राजनैतिक दस्तावेज); ‘मैकलुस्कीगंज’, ‘वर्षावन की रूपकथा’, ‘गयासुर संधान’, ‘राजा मोमो और पीली बुलबुल’ (उपन्यास); ‘उल्लास की नाव’ (पॉप संगीत की मल्लिका उषा उथुप की जीवनी); ‘इस बारिश में’ (कविता-संग्रह); ‘जमपुत्र’, ‘सोनमछरिया’ (मैथिली में लिखित नाटक) और ‘परिचय-पत्र’ (बिहार के बांग्ला-भाषियों के जीवन पर बांग्ला पुस्तक)। 
बिहार की मुक्तिकामी जनता के संघर्ष में सदैव सक्रिय रचनात्मक हिस्सेदारी।

Read More
Books by this Author
New Releases
Back to Top