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Main Aur Wah-Hard Back

ISBN: 9788126712151
Edition: 2019, 2nd Ed.
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
Special Price ₹335.75 Regular Price ₹395.00
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9788126712151
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आशा प्रभात का यह उपन्यास एक औरत का ख़ुद को पहचानने और अपनी ख़ुदी को बरकरार रखने की अद्भुत संघर्ष-गाथा है। इसमें बाहरी और अंदरूनी स्तर पर घटनाएँ कुछ इस कदर शाइस्तगी से घटती हैं कि पाठक चौंकता है और ठहरकर सोचने पर विवश हो जाता है। इस उपन्यास में सदियों से प्रतीक्षारत इस सवाल का उत्तर तलाशने की एक पुरज़ोर कोशिश की गई है कि पति, पत्नी और वह के प्रेम त्रिकोण वाले सम्बन्धों में सबसे कमज़ोर स्थिति किसकी होती है? अपने स्वत्व की तलाश में जुटी स्त्रियों के भटकाव की परिणति से अवगत कराता यह उपन्यास स्त्री-पुरुष सम्बन्धों की बारीकी से पड़ताल करता है। लेखिका ने औरत से व्यक्ति बन जाने की जद्दोजहद को बहुत ही सहज भाषा में अभिव्यक्त करने का उपक्रम किया है। कथा-प्रवाह और पठनीयता की दृष्टि से भी यह एक उल्लेखनीय कृति है।
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Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2019
Edition Year 2019, 2nd Ed.
Pages 127P
Price ₹395.00
Publisher Rajkamal Prakashan
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Acharya Krishnachandra Bhattacharya

Author: Acharya Krishnachandra Bhattacharya

आचार्य कृष्णचन्द्र भट्टाचार्य

आचार्य कृष्णचन्द्र भट्टाचार्य का जन्म 12 मई, 1875 को सिरामपुर पश्चिम बंगाल में हुआ था। वे बंगाल शिक्षा-सेवा से बहाल होकर कई कॉलेजों में व्याख्याता रहे। 1930 में उन्होंने हुगली कॉलेज के स्थानापन्न प्रधानाचार्य के पद से अवकाश ग्रहण किया। अमलनेर के ‘भारतीय दर्शन संस्थान’ के निदेशक के पद पर भी वे कुछ दिन रहे। 1935 में कलकत्ता विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र के पंचम जॉर्ज प्रोफ़ेसर का पद भी उनको दिया गया था। दार्शनिक श्री भट्टाचार्य 'रचनात्मक व्याख्या’ की अपनी पद्धति के लिए जाने जाते हैं, जिसके माध्यम से प्राचीन भारतीय दार्शनिक प्रणालियों के सहअस्तित्व में आधुनिक दर्शन की समस्याओं का भी अध्ययन किया जा सकता है। निधन : 11 दिसम्बर, 1949

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