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Madhyakalin Bharat Me Rajniti-Paper Back

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9789393603692
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इस पुस्तक को लिखने की आवश्यकता इसलिए महसूस हुई क्योंकि इतिहास और राजनीति शास्त्र के विद्यार्थी मात्र इतिहासक्रम के अध्ययन से ही संतुष्ट नहीं होते अपितु वे ऐतिहासिक प्रक्रिया के विश्लेषण को भी महत्व प्रदान करते हैं और यही विषय को समझने की उनकी दृष्टि को भी विकसित करती है। इसी प्रकार के अध्ययन से समाज की शक्तियों और राज्य की शक्तियों की परस्परता और अंतरक्रियाएं समझ आती हैं।
इस कृति में इस्लाम के अंतर्गत राज्य की अवधारणा की पृष्ठभूमि में मध्यकालीन भारत में राज्य की प्रकृति का विश्लेषण; दोनों विशेषाधिकार प्राप्त वर्गों, यथा उलेमा (धर्माधिकारियों) तथा उमरा (अमीरों) की संरचना, विशेषताओं और समकालीन राज्य में उनकी भूमिका की व्याख्या की गई है अर्थात ऐतिहासिक घटनाक्रम के कारणों की पड़ताल पर विशेष जोर दिया गया है।

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back, Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2023
Edition Year 2023, Ed, 1st
Pages 327p
Price ₹350.00
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 1.5
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Heramb Chaturvedi

Author: Heramb Chaturvedi

हेरम्ब चतुर्वेदी

हेरम्ब चतुर्वेदी का जन्म 31 दिसम्बर, 1955 को इंदौर में हुआ। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक एवं इतिहास में परास्नातक ​किया। जनवरी 1980 से इतिहास विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अध्यापन किया। मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष तथा कला संकाय के संकायाध्यक्ष रहे। वहीं से सेवानिवृत्त।

उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं—‘दास्तान मुगल महिलाओं की’ (2013), ‘दास्तान मुगल बादशाहों की’ (2019), ‘गांधी और उनके सत्याग्रह की यात्रा’ (2019), ‘पाश्चात्य इतिहास दर्शन एवं इतिहास लेखन’ (2023), ‘मध्यकालीन भारत में राजनीति’ (2023), ‘मथुरा के चतुर्वेदी’ (2025)। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में नियमित लेख एवं शोध-पत्र प्रकाशित। रेडियो, ज्ञानभारती एवं दूरदर्शन से नियमित वार्ताओं का प्रसारण। उत्तर-प्रदेश सरकार की कक्षा 1 से 8 तक के पाठ्यक्रम निर्धारण एवं पुस्तकों के प्रकाशन में परामर्शदाता। अनेक विश्वविद्यालयों की समितियों में सदस्यता।

उन्हें क्रमशः 2003 एवं 2005 में उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के ‘आचार्य नरेन्द्र देव पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। ‘दास्तान मुगल महिलाओं की’ को बी.बी.सी., लंदन ने हिन्दी की सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों में सम्मिलित किया था।

ई-मेल : [email protected]

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