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Dastan Mughal Badshahon Ki

Edition: 2019, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Lokbharti Prakashan
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Dastan Mughal Badshahon Ki

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इतिहास के समकालीन पन्ने भी सामान्य पाठक और हिन्दी माध्यम वाले छात्रों के लिए खुलें तो इतिहास के अवसान की घोषणा करनेवालों की आवाज़ मन्द ही नहीं पड़ेगी, अपितु बन्द ही हो जाएगी। इतिहास नई ताज़गी के साथ जीवित रहे, उसके लिए भी वापस उसी विषय की निगाह से उसे फिर देखा जाए, जिसके साथ वह 19वीं सदी तक चलता रहा था, जब तक इसका वर्गीकरण इस प्रकार से नहीं हुआ था। मॉमसेन के विषय में हम सब जानते हैं जिस इतिहासकार को उसकी कृति रोम के इतिहास पर 20वीं सदी के पहले दशक के अन्त में साहित्य का ‘नोबेल पुरस्कार’ मिला था, उसी तरह का इतिहास दिलचस्प भी होगा और अपने तथ्यों के साथ ईमानदार भी होगा।

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Language Hindi
Binding Hard Back, Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2019
Edition Year 2019, Ed. 1st
Pages 183p
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1.5
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Heramb Chaturvedi

Author: Heramb Chaturvedi

हेरम्ब चतुर्वेदी

हेरम्ब चतुर्वेदी का जन्म 31 दिसम्बर, 1955 को इंदौर में हुआ। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक एवं इतिहास में परास्नातक ​किया। जनवरी 1980 से इतिहास विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अध्यापन किया। मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष तथा कला संकाय के संकायाध्यक्ष रहे। वहीं से सेवानिवृत्त।

उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं—‘दास्तान मुगल महिलाओं की’ (2013), ‘दास्तान मुगल बादशाहों की’ (2019), ‘गांधी और उनके सत्याग्रह की यात्रा’ (2019), ‘पाश्चात्य इतिहास दर्शन एवं इतिहास लेखन’ (2023), ‘मध्यकालीन भारत में राजनीति’ (2023), ‘मथुरा के चतुर्वेदी’ (2025)। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में नियमित लेख एवं शोध-पत्र प्रकाशित। रेडियो, ज्ञानभारती एवं दूरदर्शन से नियमित वार्ताओं का प्रसारण। उत्तर-प्रदेश सरकार की कक्षा 1 से 8 तक के पाठ्यक्रम निर्धारण एवं पुस्तकों के प्रकाशन में परामर्शदाता। अनेक विश्वविद्यालयों की समितियों में सदस्यता।

उन्हें क्रमशः 2003 एवं 2005 में उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के ‘आचार्य नरेन्द्र देव पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। ‘दास्तान मुगल महिलाओं की’ को बी.बी.सी., लंदन ने हिन्दी की सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों में सम्मिलित किया था।

ई-मेल : [email protected]

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