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Kashtiyon Wala Safar-Hard Cover

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सत्यमोहन की कविताएँ दो स्तरों पर विकसित होती हैं—एक सामाजिक अनुभूति और दूसरा व्यक्तिगत द्वंद्व। उनकी कविताओं का शिल्प बहुत सुगठित है। उनके प्रयोग नई कविताएँ और नवगीत की भावभूमि पर ले जाते हैं।

—दिनकर सोनवलकर

सघन वैचारिकता और आकांक्षा सत्यमोहन की रचनाओं की अपनी ख़ासियत है। इनमें आस्थामय सम्भावनाएँ हैं और जीवन की रंगोली सजाने की कोशिश है। सत्यमोहन का कवि यथार्थ की क्रूरताओं से वाक़िफ़ है और प्रकृति के सहज चित्रों से तन्मयता से आबद्ध। वह सजग अभिव्यक्ति का धनी है।

—डॉ. संतोष कुमार तिवारी

सत्यमोहन वर्मा कविताओं के बनते-बदलते तेवरों के न केवल साक्षी हैं—उनका उनमें रचनात्मक हस्तक्षेप भी है। उन्होंने यथेष्ट लिखा है और अभी भी अनन्त अनकहे के धनी हैं। असन्तोष से उपजा उन्मेष उनकी कविताओं और ग़ज़लों में प्रभावी अभिव्यक्ति बन गया है।

—प्रो. सरोज कुमार

सत्यमोहन और उनकी रचनाओं की पूरी बनावट प्यार से प्यार तक की अनन्त यात्रा है। उनकी कविताएँ, गीत, ग़ज़लें विराट होने का दम नहीं भरतीं किन्तु इनमें अनेक स्वर और रंग हैं जिनकी ताज़गी मन को छूती है।

—डॉ. प्रभात कुमार भट्टाचार्य

More Information
Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2023
Edition Year 2023, Ed. 1st
Pages 96p
Price ₹395.00
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14.5 X 1.5
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Satyamohan Verma

Author: Satyamohan Verma

सत्यमोहन वर्मा

सत्यमोहन वर्मा का जन्म 1933 में दमोह, मध्य प्रदेश में हुआ। उन्होंने डिग्री कॉलेज, दमोह में व्याख्याता के तौर पर कार्य प्रारम्भ किया तथा डॉ. विजय लाल महाविद्यालय, दमोह के शिक्षा निदेशक के पद से सेवा निवृत्त हुए।

उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं—‘दीवारों के ख़िलाफ़’, ‘पल दो पल’, ‘विकल्प का समीकरण’, ‘व्योम धर्मा’, ‘चींटियों के पाँव’ और ‘कश्तियों वाला सफ़र’। इसके अलावा उन्होंने ‘कर्म संन्यासी कृष्ण’ का सम्पादन किया।  स्पिक मेके की रचनाओं के संग्रह ‘चिन्तन’ का हिन्दी अनुवाद किया जो काफी चर्चित एवं लोकप्रिय हुआ। ‘बुन्देलखंड गान’ की रचना की जिसे प्रख्यात सिने गायक विनोद राठौर ने स्वरबद्ध किया है। ‘सर्जना 77', ‘नवोदित’, ‘अभिनिवेष’, ‘सबकी ख़बर’ आदि का सम्पादन किया। प्रगतिशील लेखक संघ, दमोह के संस्थापक-अध्यक्ष रहे। वे उज्जैन से प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘समावर्तन’ के सलाहकार मंडल के सक्रिय सदस्य हैं।

उन्हें ‘सृजन सम्मान’, ‘विट्ठल भाई सांस्कृतिक सम्मान’, ‘राजेन्द्र स्मृति सम्मान’, ‘रंगकर्म अलंकरण’ समेत कई पुरस्कारों और सम्मानों से सम्मानित किया गया है।

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