Facebook Pixel

Granthi-Paper Back

Special Price ₹31.50 Regular Price ₹35.00
10% Off
Out of stock
SKU
9788171780631
Share:
Codicon

महाकवि सुमित्रानंदन पंत के शब्दों में ‘ग्रंथि’ उनकी कविता के अतुकान्त का सौन्दर्य स्वरूप खंडकाव्य है। यह रचना जनवरी 1920 में लिखी गई और पहली बार 1929 में प्रकाशित हुई। पंत जी की महत्‍त्‍वपूर्ण काव्य-रचना ‘उच्छ् वास की तरह ही यह कथात्मक कृति है। कथा-भाग बहुत थोड़ा है पर स्पष्ट है।

 

More Information
Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Isbn 10 8171780636
Publication Year 1989
Edition Year 1989, Ed. 5TH
Pages 48P
Price ₹35.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 18 X 12.5 X 0.5
Write Your Own Review
You're reviewing:Granthi-Paper Back
Your Rating
Sumitranandan Pant

Author: Sumitranandan Pant

सुमित्रानंदन पंत

जन्म : 20 मई, 1900; कौसानी (उत्तरांचल में)।

शिक्षा : प्रारम्भिक शिक्षा कौसानी के वर्नाक्यूलर स्कूल में। 1918 में कौसानी से काशी चले गए, वहीं से प्रवेशिका परीक्षा पास की।

प्रकाशित पुस्तकें : कविता-संग्रह—‘वीणा’, ‘ग्रन्थि’, ‘पल्लव’, ‘गुंजन’, ‘ज्योत्स्ना’, ‘युगपथ’, ‘युगवाणी’, ‘ग्राम्या’, ‘स्वर्णकिरण’, स्वर्णधूलि, ‘मधुज्वाल’, ‘उत्तरा’, ‘रजत-शिखर’, ‘शिल्पी’, ‘सौवर्ण’, ‘युगपुरुष’, ‘छाया’, ‘अतिमा’, ‘किरण-वीणा’, ‘वाणी’, ‘कला और बूढ़ा चाँद’, ‘पौ फटने से पहले’, ‘चिदंबरा’, ‘पतझर’ (एक भाव क्रान्ति), ‘गीतहंस’, ‘लोकायतन’, ‘शंखध्वनि’, ‘शशि की तरी’, ‘समाधिता’, ‘आस्था’, ‘सत्यकाम’, ‘गीत-अगीत’, ‘संक्रान्ति’, ‘स्वच्छन्द’; कथा-साहित्य—‘हार’, ‘पाँच कहानियाँ’; आलोचना एवं अन्य गद्य-साहित्य—‘छायावाद : पुनर्मूल्यांकन’, ‘शिल्प और दर्शन’, ‘कला और संस्कृति’, ‘साठ वर्ष : एक रेखांकन’।

सम्मान : 1960 में ‘कला और बूढ़ा चाँद’ पर ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’, 1961 में ‘पद्मभूषण’ की उपाधि, 1965 में ‘लोकायतन’ पर ‘सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार’, 1969 में ‘चिदंबरा’ पर ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’।

28 दिसम्बर, 1977 को देहावसान।

Read More
Books by this Author
New Releases
Back to Top