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Dastan Mughal Mahilaon Ki-Paper Back

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9788180317439
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मध्यकालीन इतिहास के अध्ययन, अध्यापन, शोध से 33 वर्षों के अधिक के जुड़ाव के कारण, इस काल के इतिहास से भली-भाँति वाक़िफ़ हैं अतः, ऐतिहासिक शोध के साथ लिखी गई कुछ कहानियों के माध्यम से चयनित महिला पात्रों की भूमिका के साथ उन्होंने न्याय करने के प्रयास में, इस संकलन की आवश्यकता महसूस की। इसमें प्रसिद्ध मंगोल शासक चंगेज़ ख़ाँ की पुत्र-वधू से प्रारम्भ करके, बाबर की नानी से होते हुए, हमीदा बानो बेगम की दास्ताँ बयाँ करते हुए, हर्रम बेगम की भूमिका को रेखांकित किया गया है जिसके फलस्वरूप हुमायूँ अन्ततोगत्वा भारत में प्रवेश कर पाता है। अन्त में अनारकली की गुत्थी को भी सुलझाने का प्रयास किया गया है।

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Language Hindi
Binding Hard Back, Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2013
Edition Year 2019, Ed. 3rd
Pages 148p
Price ₹195.00
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1
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Heramb Chaturvedi

Author: Heramb Chaturvedi

हेरम्ब चतुर्वेदी

हेरम्ब चतुर्वेदी का जन्म 31 दिसम्बर, 1955 को इंदौर में हुआ। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक एवं इतिहास में परास्नातक ​किया। जनवरी 1980 से इतिहास विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अध्यापन किया। मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष तथा कला संकाय के संकायाध्यक्ष रहे। वहीं से सेवानिवृत्त।

उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं—‘दास्तान मुगल महिलाओं की’ (2013), ‘दास्तान मुगल बादशाहों की’ (2019), ‘गांधी और उनके सत्याग्रह की यात्रा’ (2019), ‘पाश्चात्य इतिहास दर्शन एवं इतिहास लेखन’ (2023), ‘मध्यकालीन भारत में राजनीति’ (2023), ‘मथुरा के चतुर्वेदी’ (2025)। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में नियमित लेख एवं शोध-पत्र प्रकाशित। रेडियो, ज्ञानभारती एवं दूरदर्शन से नियमित वार्ताओं का प्रसारण। उत्तर-प्रदेश सरकार की कक्षा 1 से 8 तक के पाठ्यक्रम निर्धारण एवं पुस्तकों के प्रकाशन में परामर्शदाता। अनेक विश्वविद्यालयों की समितियों में सदस्यता।

उन्हें क्रमशः 2003 एवं 2005 में उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के ‘आचार्य नरेन्द्र देव पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। ‘दास्तान मुगल महिलाओं की’ को बी.बी.सी., लंदन ने हिन्दी की सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों में सम्मिलित किया था।

ई-मेल : [email protected]

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