Aur Karvan Banta Gaya

Autobiography
500%
() Reviews
As low as ₹200.00 Regular Price ₹250.00
You Save 20%
In stock
SKU
Aur Karvan Banta Gaya
- +
More Information
Language Hindi
Format Paper Back
Publication Year 2017
Edition Year 2017, Ed. 1st
Pages 204p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1.5
Write Your Own Review
You're reviewing:Aur Karvan Banta Gaya
Your Rating

Editorial Review

It is a long established fact that a reader will be distracted by the readable content of a page when looking at its layout. The point of using Lorem Ipsum is that it has a more-or-less normal distribution of letters, as opposed to using 'Content here

Author: Shatrughna Prasad Singh

शत्रुघ्न प्रसाद सिंह

जन्म : 1 जनवरी, 1943

शिक्षा : स्नातक (प्रतिष्ठा), गणेश दत्त कॉलेज, बेगूसराय, बिहार।

बी.एन.उच्च विद्यालय, तेयाय (बेगूसराय) में अध्यापक। अवधेश आवासीय उच्च विद्यालय, सफापुर, बेगूसराय में प्रधानाध्यापक।

अभिरुचि : समसामयिक विषयों पर निरन्तर लेखन।

साहित्यिक, सामाजिक, राजनीतिक गतिविधियाँ : अनुमंडल सचिव, बेगूसराय-1967 से 1972; कार्यालय सचिव, बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ-1972 से 1975; बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव पद पर 1975-80, 1982 से 1992; बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष पद पर 1981 से 1982 एवं 2016 से अद्यतन; बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष पद पर 1992 से 2016; शिक्षक कर्मचारी समन्वय समिति के अध्यक्ष 1989 से 1996; दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बिहार विधान परिषद् के सदस्य 7 मई, 1984 से
6 मई, 1996; बलिया (बेगूसराय) लोकसभा क्षेत्र से लोकसभा सदस्य 1996 से 1998; अध्यक्ष, बरौनी तेलशोधक मज़दूर यूनियन अद्यावधि; अध्यक्ष, रामचरित्र सिंह महाविद्यालय, बाहट, बेगूसराय; सचिव, शासी निकाय, रामविलास महाविद्यालय तेयाय, तघड़ा, बेगूसराय; संरक्षक, जननाट्य संघ (इप्टा), बिहार।

Read More
Books by this Author

Back to Top