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Ambar Pariyan-Hard Cover

Translator: Subhash Neerav
ISBN: 9788119092307
Edition: 2023, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Radhakrishna Prakashan
Special Price ₹675.75 Regular Price ₹795.00
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9788119092307
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समकालीन पंजाबी साहित्यिक परिदृश्य में, पंजाबी उपन्यास हमारे समय के नए रुझानों को उजागर करने वाली अग्रणी साहित्यिक विधा है। डॉ. बलजिन्दर नसराली का यह उपन्यास इस तथ्य को प्रमाणित करने वाली एक उत्कृष्ट कृति है। इस उपन्यास में अम्बर और ज़ोया दो मुख्य पात्रों की प्रेम कहानी को सामाजिक और पारिवारिक तनावों के साथ बड़ी सूक्ष्मता और सहज ढंग से चित्रित किया गया है। भविष्य में विवाह प्रथा का स्वरूप क्या होगा, इस सवाल को उपन्यास की पृष्ठभूमि में बहुत बारीक ढंग से समाहित किया गया है।

साहित्य लेखन की यथार्थवादी पद्धति के बजाय लेखक ने इस उपन्यास के माध्यम से पंजाबी गल्प साहित्य में जादुई यथार्थवाद की पद्धति को अपनाने की पहल की है। इस कारण इस उपन्यास की सार्थकता, ताज़गी और आकर्षण और भी बढ़ जाता है।

—सुरजीत पातर

‘पद्मश्री’ से सम्मानित पंजाबी कवि

 

बलजिन्दर सिंह नसराली पंजाबी साहित्य में एक स्थापित नाम हैं। मनुष्य की भाँति ही समाज, संस्कृति और इतिहास की भी मनोदशाएँ होती हैं जिसे जर्मन भाषा में Geistesgeschichte कहा जाता है। ‘अम्बर परियाँ’ इन्हीं दृष्टिकोणों पर आधारित उपन्यास है। यह उपन्यास प्रोफ़ेसर अम्बरदीप के जीवन में आई परियों की आमद का उत्सव/कार्निवल है। बाख़्तिन के अनुसार–उत्सव एक ऐसी दहलीज़ है जहाँ पारम्परिक रीति-रिवाज टूटते हैं।

—डॉ. मनमोहन

‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’ से पुरस्कृत उपन्यासकार

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Language Hindi
Binding Hard Back, Paper Back
Translator Subhash Neerav
Editor Not Selected
Publication Year 2023
Edition Year 2023, Ed. 1st
Pages 272p
Price ₹795.00
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 22 X 14.5 X 2
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Baljinder Nasrali

Author: Baljinder Nasrali

बलजिन्दर नसराली

बलजिन्दर नसराली का जन्म गाँव नसराली, तहसील खन्ना, ज़िला लुधियाना (पंजाब) में हुआ। बारहवीं कक्षा से कहानी लिखने की शुरुआत। उनकी एक कहानी दिल्ली विश्वविद्य‍ालय और दो कहानियाँ पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला के पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं। अब तक ग्यारह कहानियाँ और तीन उपन्यास छप चुके हैं। उनके कहानी-संग्रह ‘डाकखाना खास’ को गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर की ओर से ‘भाई वीरसिंह गल्प पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। ‘अम्बर परियाँ’ इसी नाम से प्रकाशित और चर्चित उनके पंजाबी उपन्यास का अनुवाद है।

सम्प्रति : एसोसिएट प्रोफेसर, पंजाबी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली।

ई-मेल : [email protected]

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