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Ahalya

Author: Shanti Nair
Edition: 2026, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
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Ahalya (Raj)

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इतिहास, मिथक और वर्तमान समय की स्त्रियों के मूक दुखों को रेखांकित करने वाली ये कविताएँ अनेक ऐसी विडम्बनाओं पर रौशनी डालती हैं जहाँ तमाम सहानुभूति और सम्मान के बावजूद स्त्री के मन को नहीं समझा जाता, भीतर ही भीतर उसे पत्थर बन जाना पड़ता है।

लेकिन ये कविताएँ उस सामर्थ्य को भी रेखांकित करना नहीं भूलतीं जो स्त्री की अपनी सम्पत्ति है, उसका अपना बल, जिसके साथ वह पुरुष-संसार के स्थायी स्त्री-द्वेष से संघर्ष करती है, जीवित रहती है, और आगे बढ़ती है।

पत्थर वह अब भी थी/पर अहल्या नहीं/नीलम बनी पन्ना बनी/माणिक बनी हीरा बनी/शापों की परिधि से दूर/अपना मोक्ष स्वयं बनी।

More Information
Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2026
Edition Year 2026, Ed. 1st
Pages 128p
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 19.5 X 13 X 1
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Shanti Nair

Author: Shanti Nair

शान्ति नायर

शान्ति नायर का जन्म 29 सितम्बर, 1965 को एर्नाकुलम, केरल में हुआ।  शिक्षा इलाहबाद, उत्तर प्रदेश एवं केरल में सम्पन्न हुई। विविध पत्र-पत्रिकाओं में कविताएँ, लेख एवं अनुवाद प्रकाशित हैं।

वे श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, कालडी, केरल के भारतीय भाषा संकाय की अध्यक्ष रही हैं।

सम्प्रति : प्रोफ़ेसर, हिन्दी विभाग, श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, कालडी, केरल।

ई-मेल : [email protected]

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