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Wah Re Govinda Wah-Paper Back

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9789389742633
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प्रस्तुत नाट्य शृंखला समाज के विभिन्न किरदारों को माध्यम बनाकर समाज के अमानवीय कृत्यों को उजागर कर यथार्थ को परदे के सामने लाती है। साथ ही जहाँ नाटक ‘वाह रे गोविन्दा वाह में’, मर्द दिवस की गुदगुदाने वाली परिकल्पना से पाठक और दर्शकों का जमकर मनोरंजन करती है वहीं ‘मैं इकबाल’ नाटक की रचना समाज के दिग्भ्रमित युवाओं को सच्ची और उजियारी राह पर लाने के लिए मशाल का काम करती है। नाटक की विषयवस्तु में किसी तरह का पांडित्य  प्रदर्शन नहीं बल्कि अनछुए विषयों को बड़ी ही रोचकता के साथ स्पर्श किया गया है।

नाटक के हर दृश्य को मंच पर बड़ी सुगमता से दर्शाया जा सकता है। इसमें सन्देह नहीं। एक में हास्य रस की चाशनी है तो दूसरे में यथार्थ का कड़ुवा घूँट...।

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Language Hindi
Binding Hard Back, Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2021
Edition Year 2021, 1st Ed.
Pages 120p
Price ₹125.00
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1
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Dinesh Sahu

Author: Dinesh Sahu

दिनेश साहू

जन्म : प्रयागराज, उत्तर प्रदेश।

शिक्षाः इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी.कॉम.।

गतिविधियाँ : दूरदर्शन द्वारा निर्माणाधीन टेली फिल्म "वक्त का फैसला व धरती माँ" का निर्देशन, चंगू मंगू, मंहगा सिन्दूर, धरती माँ, फेकू चौधरी व अन्य धारावाहिक में अभिनय, चुड़िहार देवर, दगाबाज मामा व अन्य सी.डी. फिल्मस् व एल्बम में कार्य, एहमा हमारा कसूर का बा, लंदन वाली से नेहा लागौली, अजीब बूढ़ी औरत व अन्य फिल्मों में अभिनय।

सन् 1979 से लगातार रंगमच में कार्यरत। कई नाटकों में अभिनय व निर्देशन, कफ़न, रेत की दीवार, सूखा वृक्ष, दिशाहीन, राजा की मोहर, लाहौल विला कूबत, परिचय व अन्य रंगमंच में अभिनय।

सम्मान : 'मारो-मारो पागल है' व 'जस गुरु तस चेला' अखिल भारतीय लघु नाट्य प्रतियोगिता से पुरस्कृत तथा लघु नाट्य प्रतियोगिता में श्रेष्ठ कलाकार के रूप में सम्मानित।

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