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Udasi Koi Bhav Nahin Hai-Paper Back

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राज कुमार सिंह का कविता-संग्रह ‘उदासी कोई भाव नहीं है’ एक इंसान के भीतर मौजूद भावनाओं के अथाह सागर को समझने और उसे शब्दों में बाँधने का प्रयास है। यह उनकी दूसरी पुस्तक है। इस कविता-संग्रह में जीवन के कठोर यथार्थ, आम आदमी के संघर्ष, निराशा, प्रेम और उम्मीद को नए प्रतीकों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। राज कुमार सिंह जब प्रेम की बात कहते हैं तो परंपरागत प्रेम कविताओं से हटकर वहाँ भी उनका कुछ अलग नजरिया होता है, मसलन—‘जब तुम कहती हो सब ठीक है/तब मुझे लगता है अभी कितना कुछ ठीक होना बाकी है...’ या फिर—‘प्रेम को प्रेम ही खा जाता है...’

बात जब आम आदमी के संघर्ष की हो तो कुछ बेहद  सशक्त कविताएँ देखने को मिलती हैं, जैसे—‘युद्ध के मैदान में खड़ा हुआ, प्रत्यंचा पर स्वयं मैं चढ़ा हुआ...’ इन सबके बीच आशा का एक दीपक भी उनकी कई कविताओं में अपने पूरे तेज के साथ रोशन दिखाई देता है। कहते हैं—‘एक बड़े शहर में, जब जब एक अजनबी, एक अजनबी से पूछता है कोई पता, तब तब यह भरोसा बनता है, कि दुनिया में खोई हुई सबकी चीजें, एक दिन उन्हें मिल जाएँगी।’

कविता-संग्रह में महात्मा बुद्ध से लेकर हिरण्यकश्यप तक को प्रतीक बनाकर लिखी कविताएँ हैं जो आज के दौर में भी महत्त्वपूर्ण हैं। पेशे से पत्रकार राज कुमार सिंह की कविताओं की खूबी बिना किसी शोर-शराबे और बिना चीख-चिल्लाहट के अपनी बात कहना है। समाज को नजदीक से देखने का जो अनुभव एक पत्रकार के रूप में उन्हें मिला है, उसका असर भी इस पुस्तक में देखने को मिलता है।

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Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2023
Edition Year 2023, Ed. 1st
Pages 144p
Price ₹299.00
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1
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Raj Kumar Singh

Author: Raj Kumar Singh

राज कुमार सिंह

राज कुमार सिंह का जन्म 12 जनवरी, 1971 को उत्तर प्रदेश, इटावा (अब औरैया) के बिधूना तहसील में हुआ। उन्होंने मध्यकालीन एवं आधुनिक भारतीय इतिहास और पत्रकारिता में लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की डिग्रियाँ ली हैं। ‘नवभारत टाइम्स’ लखनऊ में बतौर राजनीतिक सम्पादक और ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ के वाराणसी और प्रयागराज संस्करण में बतौर स्थानीय सम्पादक कार्य किया है। ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ के ही लखनऊ संस्करण में उप-सम्पादक रहे हैं। ‘सहारा समय’, ‘न्यूज-24’ लखनऊ में ब्यूरो चीफ रहे और ‘वॉयस ऑफ़ इंडिया’ लखनऊ में भी ब्यूरो चीफ और फिर स्थानीय सम्पादक के रूप में काम किया। ‘न्यूज़ एक्सप्रेस’ लखनऊ में पहले स्टेट हेड फिर कॉर्डिनेटिंग एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में Newstrack.com में सलाहकार सम्पादक के पद पर कार्यरत हैं।

उनका एक ग़ज़ल-संग्रह ‘हर क़िस्सा अधूरा है’ प्रकाशित हो चुका है। इस संग्रह के लिए उन्हें उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के ‘दुष्यंत कुमार सम्मान’ से सम्मानित किया गया है।

ई-मेल : [email protected]

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