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Tajmahal Ke Ansu-Paper Back

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9789390625987
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ताजमहल के आँसू प्रेम का मार्मिक आख्यान है। उपन्यास की कथा दो स्तरों पर चलती है। एक स्तर पर है पूर्णेन्दु शेखर और मधुरिमा चटर्जी की प्रेम कहानी और दूसरा स्तर है पूर्णेन्दु शेखर, शेखर द्वारा रचित उपन्यास ‘ताजमहल’ के किरदारों का संसार। उपन्यास की कहानी दोनों स्तरों पर समानान्तर चलती है और पाठकों को कभी मुगल काल में ले जाती है तो कभी वर्तमान समय से साक्षात्कार कराती है। अतीत और वर्तमान के विस्तृत कैनवास पर रचित इस उपन्यास में पाठकों को बाँधे रखने की अद्भुत क्षमता है। इस लिहाज से यह उपन्यास पठनीयता को सुरक्षित रखते हुए शिल्पगत प्रयोग का अनूठा उदाहरण है।

अतीत से वर्तमान और इतिहास से कल्पना के बीच आवाजाही करता यह उपन्यास गहरे सामाजिक सरोकार और जनप्रतिबद्धता का भी परिचायक है। ताजमहल का डिजाइन बनाने वाले उस्ताद ईसा और शाहजहाँ की बेटी जहाँआरा की प्रेम कहानी को इस तरह प्रस्तुत किया गया है कि इसमें एक कलाकार का अन्तर्द्वन्‍द्व और उसकी पीड़ा भी अभिव्यक्त हो जाती है। प्रेम-कथा के आवरण में सामाजिक यथार्थ को उजागर करने वाला यह उपन्यास निश्चय ही पाठकों को पसन्द आयेगा।

—डॉ. दिनेश कुमार

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Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2021
Edition Year 2024, Ed. 3rd
Pages 208p
Price ₹250.00
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 21.2 X 14 X 1.4
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Sunil Vikram Singh

Author: Sunil Vikram Singh

सुनील विक्रम सिंह

जन्म : 29 अप्रैल, 1969; वाराणसी जनपद की अकोढ़ा कलाँ गाँव में।

शिक्षा : प्राथमिक शिक्षा कोरापुट (ओड़िसा) जनपद के जामपुर शहर तथा गाँव की प्राथमिक पाठशाला से। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी.ए. तथा एम.ए., जे.आर.एफ./नेट परीक्षा उत्तीर्ण। बी.एच.यू. से पीएच.डी. की उपाधि।

प्रमुख कृतियाँ : ‘काँपता हुआ इन्द्रधनुष’ (उपन्यास); ‘तेरी कुड़माई हो गई?’ (कहानी-संग्रह); ‘हिन्दी साहित्य का कथेतर गद्य’ (समीक्षा); ‘मॉरिशस का कथा-साहित्य और अभिमन्यु अनत’, ‘आधुनिक हिन्दी साहित्य’, ‘प्रहलाद रामशरण : मॉरिशस में हिन्दी साहित्य के अनन्य साधक’ आदि प्रकाशित।

सम्मान : ‘प्रतापनारायण युवा साहित्य सम्मान’, ‘काव्यमित्र सम्मान’, ‘हिन्दी सेवी सम्मान’ से विभूषित।

सम्प्रति : साहित्यिक संस्था ‘संचेतना’ के संस्थापक और ‘हिन्दी साहित्य सम्मेलन’ जौनपुर के अध्यक्ष।

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