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Sulgan-Hard Back

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9789388753654
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समकालीन हिन्दी कहानी में भाषा का ऐसा संवेदना से पगा सुललित प्रयोग इधर अकसर देखने में नहीं आता जैसा कैलाश वानखेड़े के यहाँ मिलता है।

वे कहानी के पात्रों को मंज़िल तक पहुँचाकर अपने कथा-सूत्र को समेटने की जल्दी में नहीं रहते। इसके बजाय पाठक को कुछ समय उस वातावरण में रहने देते हैं, जहाँ वे उसे लेकर गए हैं। आसपास का प्राकृतिक और नागरिक परिवेश उनकी भाषा में एक पात्र की तरह ही साकार होता चलता है।

गहरी संवेदना, विषयों की बहुविधता, और संवेदना के गहरे सरोकारों के लिए भी उनके कथाकार को विशेष रूप से जाना जाता है।

इस संकलन में कैलाश वानखेड़े की नौ कहानियाँ हैं—‘उन्नति जनरल स्टोर्स’, ‘जस्ट डांस’, ‘ज़िन्दगी और प्यास', ‘गोलमेज’, ‘उस मोड़ पर’, ‘कँटीले तार’, ‘खापा’, ‘काली सडक़’ और ‘हल्केराम’। अपने कथ्य, भाषिक प्रांजलता और सघन सामाजिक मानवीय संवेदनाओं के लिए ये कहानियाँ लम्बे समय तक याद रखी जाएँगी।

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back, Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2019
Edition Year 2019, 1st Ed.
Pages 128p
Price ₹395.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 22 X 14.5 X 1
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Kailash Wankhede

Author: Kailash Wankhede

कैलाश वानखेड़े

कैलाश वानखेड़े का जन्म 11 जनवरी, 1970 को इन्दौर, मध्य प्रदेश में हुआ। उनके दो कहानी-संग्रह ‘सत्यापन’ और ‘सुलगन’ प्रकाशित हैं। ‘उजला अँधेरा’ उनका पहला उपन्यास है। मराठी, पंजाबी, अंग्रेज़ी आदि भाषाओं में उनकी कहानियों के अनुवाद हुए हैं।

उन्हें ‘हंस कथा सम्मान’ तथा ‘मधुकर सिंह स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया है।

सम्प्रति : भा. प्र. से. मध्य प्रदेश में कार्यरत।

ई-मेल : [email protected]

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