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Shabdon Ka Safar : Vol. 2-Hard Cover

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9788126722549
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ब्लॉग-जगत में भाषा के प्रेमियों के बीच अजित वडनेरकर का एक बहुत रसीला ब्लॉग, शब्दों का सफ़र, अर्से से लोकप्रिय रहा है। अजित जी ने आम बोलचाल के शब्दों के रहस्य खोलकर भाषा की अन्तरराष्ट्रीय और संस्करण की जटिल और लम्बी प्रक्रिया से भी पाठकों का परिचय कराया है। इसका पुस्तकाकार प्रकाशन देखना सुखद है।

—मृणाल पाण्डे; वरिष्ठ कथाकार-पत्रकार

अजित वडनेरकर प्रमाण हैं कि हिन्दी रुकेगी नहीं। कम से कम लेकिन रोचक शब्दों में अधिक से अधिक कह देना उनके शब्दों के सफ़र की पहचान है। उनकी छोटी-छोटी ललित लोल रचनाओं में रवानी, प्रवाह, लय का आस्वाद है। सच तो ये है कि यह मानवता के विकास का महासफ़र है।

—अरविन्द कुमार; ख्यात कोशकार

बहुत शोधपरक, उपयोगी और महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ। हिन्दी में इतनी संलग्नता के साथ ऐसा परिश्रम करनेवाले विरले ही होंगे। तपस्या कहूँ कि लगन कि साधना....or a passionate pursuit...? Whatever, you are doing a very useful job...kudos! big...big...kudos

—उदय प्रकाश; वरिष्ठ कवि-कथाकार

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2012
Edition Year 2022, Ed. 4th
Pages 376p
Price ₹1,295.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 3.5
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Ajit Wadnerkar

Author: Ajit Wadnerkar

अजित वडनेरकर

सीहोर मध्य प्रदेश में पैदाइश (1962)। राजगढ़ (ब्यावरा) के सरकारी कॉलेज से हिन्दी में एम.ए.। शानी के साहित्य पर लघुशोध। इसके एक हिस्से का नेशनल पब्लिशिंग हाउस से प्रकाशन। इकत्तीस वर्षों से पत्रकारिता। इक्कीस वर्ष प्रिंट मीडिया में, सात साल टीवी पत्रकारिता। ‘नवभारत टाइम्स’, ‘दैनिक भास्कर’, ‘दैनिक दिव्य मराठी’, ‘आजतक’, ‘जी न्यूज़’, ‘स्टार न्यूज़’ आदि से सम्बद्ध रहे। वर्तमान में ‘अमर उजाला समूह’ में सम्पादक। 2013 से 2016 तक वाराणसी और 2016 से झाँसी संस्करण का प्रभार।

विभिन्न भाषाओं से हिन्दी में आ मिले शब्दों के जन्मसूत्रों की तलाश और उनकी विवेचना की परियोजना है—‘शब्दों का सफ़र’। बोलचाल की हिन्दी को उसका बहुउपयोगी व्युत्पत्ति कोश मिल सके, यह प्रयास है। संस्कृतियों के निर्माण और वैश्विक विकास में हमारी विराट वाग्मिता का जो योगदान रहा है, उसे धर्म, समाज, राजनीति के वर्तमान वितंडात्मक सन्दर्भों से हटकर देखने की आवश्यकता के मद्देनज़र ही ‘शब्दों का सफ़र’ नाम से यह दस खंडों में समाप्त होनेवाला काम हाथ में लिया गया है।

ई-मेल : [email protected]

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