Ramcharitmanas (Sahityik Mulyankan)

Literary Criticism
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Ramcharitmanas (Sahityik Mulyankan)

जनसाधारण से लेकर उद्भट विद्वानों तक में अगर समान भाव से कोई ग्रन्थ प्रतिष्ठित है तो वह है तुलसी का रामचरितमानस। अपनी काव्यगत श्रेष्ठता, मूल्यबोध की समग्रता और प्रभावशीलता तथा मानव की चिरन्‍तन गुत्थियों, पीड़ाओं व ख़ुशियों के जीवन्त चित्रण के कारण यह महाकाव्य हर पीढ़ी को एक नए ढंग से अपनी ओर खींचता है। हर युग उसमें अपने हर्ष-विषाद का कोई-न-कोई चित्र पा लेता है। और बार-बार नई-नई व्याख्याओं-टीकाओं के सहारे इसे समझने की कोशिश की जाती है।

लेकिन अपने दायरे में उन सब प्रयासों की अपनी एक सीमा रही है। इस पुस्तक में एकांगिता से बचने और मानस की यथासम्भव सम्पूर्ण व्याख्या तक पहुँचने की कोशिश की गई है। सम्पादक का भरसक प्रयास रहा है कि जहाँ तक हो सके, अच्छे-से-अच्छे निबन्धों का चुनाव हो ताकि ‘मानस’ के छात्रों-शोधार्थियों के अलावा सुरुचिवान् सामान्य पाठक भी इससे लाभान्वित हों। कोशिश यह भी रही है कि मानस के शिल्प, विषय-वस्तु, चरित्र-योजना, उसके काव्यगत वैशिष्ट्य, रस-व्यंजना, उसमें निहित तत्कालीन सांस्कृतिक, सामाजिक मूल्यों समेत उन सभी पक्षों से सम्बद्ध निबन्ध शामिल हों, जिन पर मानस के सम्बन्ध में किसी की भी नज़र जा सकती है।

मानस के जीवन-मूल्यों के मनोवैज्ञानिक पहलू और तुलसी व वाल्मीकि का तुलनात्मक विवेचन जैसे कुछ अप्रचलित और कतिपय नवीन निबन्धों को भी इसमें सम्मिलित किया गया है।

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 1999
Edition Year 1999, Ed. 1st
Pages 245p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1.5
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Editorial Review

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Author: Sudhakar Pandey

सुधार पाण्‍डेय

जन्म : 1 जुलाई, 1927; वाराणसी।

प्रख्यात लेखक, सम्पादक, राजनेता तथा शिक्षाशास्त्री।

प्रमुख कृतियाँ : ‘प्रसाद काव्य-कोश’, ‘प्रसाद की कविताएँ’, ‘कामायनी समीक्षा’, ‘प्रसाद साहित्य’, ‘कृति और कृतिकार’, ‘चक्र-परिचक्र’, ‘अन्नपूर्णा प्रेरणा के प्रतीक’, ‘आधुनिक हिन्दी साहित्य’, ‘सदा सुहागन रूठ गई’, ‘रीति साहित्य-चिन्तन’, ‘साँझ-सकारे’, ‘स्वार्थ और सिद्धि’, ‘अमर साहित्यकार’, ‘गंगालहरी’, ‘काव्य विलास’, ‘कृपाराम ग्रन्थावली’, ‘सोमनाथ ग्रन्थावली (तीन खंडों में)’, ‘हिन्दी साहित्य और साहित्यकार’, ‘हिन्दी साहित्य का क ख ग’, ‘मानस अनुशीलन’, ‘बंग महिला ग्रन्थावली’, ‘बिहारी सतसई (लालचन्द्रिका टीका से युक्त), ‘मैथिलीशरण गुप्त : शती स्मृति ग्रन्थ’, ‘हिन्दी काव्य-गंगा’, ‘श्यामसुन्दर दास : शती स्मृति ग्रन्थ’, ‘अवशेष’, ‘जो गाता हूँ’, ‘निहारिका’ आदि।

निधन : 18 अप्रैल, 2003

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