Facebook Pixel

Pakistani Urdu Shayari Vol. 4-Paper Back

Special Price ₹225.00 Regular Price ₹250.00
10% Off
In stock
SKU
9788119989331
- +
Share:
Codicon

‘पाकिस्तानी उर्दू शायरी’ के इस खंड में बारह शायरों की रचनाएँ शामिल हैं। नज़्मों, ग़ज़लों और फुटकर शे’रों के अलावा कुछ रचनाकारों के गीत और क़तआत भी आपको इसमें मिलेंगे।

इस पुस्तक शृंखला में शायरों का परिचय, जिसे सम्पादकों ने काफ़ी खोजबीन के बाद तैयार किया, अपने आप में संग्रहणीय सामग्री है।‌ इसे पढ़ते हुए हमें पाकिस्तान में उर्दू काव्य-संसार का भी परिचय मिलता चलता है। उससे हमें मालूम होता है कि जिस तरह भारत में, उसी तरह पाकिस्तान में भी अकसर शायरों-लेखकों का जीवन चुनौतीपूर्ण रहा है। वहाँ के लोगों का और भी ज़्यादा क्योंकि पाकिस्तानी क़लम के ऊपर कठमुल्लापन और शासन की भी तीख़ी निगाह टिकी रही।

इस शृंखला में अब तक शामिल शायरों में अनेक ऐसे हैं जिन्होंने इसके बावजूद कभी अपने स्वर को मद्धम नहीं होने दिया। इसी खंड में प्रकाशित हमीद जालंधरी का यह क़तआ इसका प्रमाण है : ‘कितने ठाठ-बाट से आए आख़िर को बदनाम गए / नाज़ी बनकर आनेवाले गए तो नाफ़रजाम गए / हिटलर, मुसोलिनी और नासिर, इसकंदर, यह्या, अय्यूब / बोल रही है दुनिया, आमिर सबके सब नाकाम गए।’

इसी तेवर और साफ़गोई से अपनी बात कहनेवाली अनेक नज़्में-ग़ज़लें इस ग्रन्थ-शृंखला को एक दस्तावेज़ बनाती हैं, हमारी नज़र से ओझल पाकिस्तान के शायरों को सामने लाने का काम तो ये पुस्तकें करती ही हैं।

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 1993
Edition Year 1993, Ed. 1st
Pages 216p
Price ₹250.00
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1.5
Write Your Own Review
You're reviewing:Pakistani Urdu Shayari Vol. 4-Paper Back
Your Rating

Author: Narendra Nath

नरेन्द्र नाथ

नरेन्द्र नाथ कई नौकरियाँ, यात्राएँ करने के बाद वर्षों तक स्टेट यूनिवर्सिटी कॉलेज, बफ़ैलो (न्यूयॉर्क) में समाजशास्त्र पढ़ाते रहे।

इनकी प्रमुख कृतियाँ हैं—‘नौ बरस’ (उपन्यास); ‘पाकिस्तानी उर्दू शायरी’ (चार खंडों में), ‘पाकिस्तान में ताज़ा ग़ज़लें’ (सम्‍पादन); ‘अंग्रेज़ी में समाजशास्त्रीय लेखन’ (विमर्श)।

Read More
Books by this Author
New Releases
Back to Top