कहीं सत्य और न्याय की जीत, कहीं चरमराई हुई व्यवस्था की हार! जुर्म, जुल्म, क़ानून और सज़ा की आग धधकती आँधी में झूलती-झुलसती ज़िन्दगियाँ! हुस्न, आशिकी, प्रेम, सेक्स, दोस्ती, वैर-वैमनस्य, षड्यंत्र, पश्चात्ताप, आइडेंटिटी-थैप्ट, मर्डर के अस्त्रों और बेड़ियों से बँधी क्रिमिनल लॉ और जस्टिस की क्लासिकल रहस्यमयी-रोमांचक कहानियाँ, जिनमें न्याय-तंत्र की बीते सौ सालों की तस्वीरें हमारे सामने ख़ुद-ब-ख़ुद ज़िन्दा खड़ी हो जाती हैं।
| Language | Hindi |
|---|---|
| Binding | Hard Back |
| Translator | Not Selected |
| Editor | Not Selected |
| Publication Year | 2015 |
| Edition Year | 2015, Ed. 1st |
| Pages | 189p |
| Price | ₹400.00 |
| Publisher | Rajkamal Prakashan |
| Dimensions | 22 X 14.5 X 1.5 |