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Jindagi Ki Pich Par-Paper Back

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9788183615723
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‘ज़िन्दगी की पिच पर’ जीवन-प्रबन्धन की तार्किक और सुरुचिपूर्ण पुस्तक है। जीवन का प्रबन्धन अनेक छोटी-छोटी बातों से होता है। अध्ययन के उपरान्त विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करनेवाले व्यक्तियों के लिए अनुभवी लेखक विजय चितले ने इस पुस्तक की रचना की है।

लेखक का मानना है कि यदि निर्णय लेना, सन्देश वाहन, प्रेरणा, संघर्ष का हल, उत्पादक कार्य, समय प्रबन्धन आदि विषयों को लेकर विद्यार्थियों के भीतर बुनियादी समझ विकसित हो सके तो आगे की राह सुगम व सफल हो जाएगी।

पुस्तक के हर अध्याय में एक केन्द्रीय विचार है। विचार का वर्णन काव्यात्मक शैली में है जो सीधे हृदय में उतर जाता है। आज के व्यस्त और स्पर्धा से भरे समय में जीने की कला सिखलाती एक सरल और विरल पुस्तक।

 

 

More Information
Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2013
Edition Year 2023, Ed. 2nd
Pages 128p
Price ₹199.00
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 1
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Vijay Chitale

Author: Vijay Chitale

विजय चितले

जन्म : 19 नवम्बर, 1942; इन्दौर।

शिक्षा : एम.ए. अंग्रेज़ी  साहित्य, संगीत कोविद (एम.ए. म्यूज़िक)।

कार्य : शासकीय सेवा

1962-1966 : व्याख्याता अंग्रेज़ी-शासकीय महाविद्यालय, धार (म.प्र.)।

1962 : छावनी अधिकारी, शिलांग Cantonment (रक्षा मंत्रालय)।

1962-2002 : भारतीय डाक सेवा (वर्ग एक), संचार मंत्रालय।

इस सेवा में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार, दिल्ली और मेघालय में विविध पदों पर काम और नवम्बर 2002 में अहमदाबाद से मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, गुजरात सर्किल से सेवानिवृत्ति।

अन्य : इंग्लैंड में प्रबन्धन प्रशिक्षण (1981); आकाशवाणी, मुम्बई के सुगम संगीत कलाकार (1975-78); मराठी, हिन्दी और अंग्रेज़ी में (पत्रिकाओं में) लेखन; मराठी पुस्तक ‘वेल इन गेला’ (समय अच्छा बीता) और ‘विनोदी प्रवासी’ (Humorous Traveller) प्रकाशित।

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