Hindi Lalit Nibandh : Swarup Vivechan

Literary Criticism
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Hindi Lalit Nibandh : Swarup Vivechan

प्रस्तुत पुस्तक डॉ. वेदवती राठी के दस वर्षों के अध्यवसाय के फलस्वरूप लिखी गई है। अत: अब तक हिन्दी ललित निबन्ध के विषय में जो धारणाएँ व्यक्त की गई हैं, उनका समावेश तो प्रस्तुत पुस्तक में है ही, विविध प्रश्नों पर मौलिक चिन्तन करके अपना अभिमत देकर विदुषी लेखिका ने भरपूर चेष्टा की है कि ललित निबन्ध के विविध पक्षों पर गहन विश्लेषणाधृत विचार एक पुस्तक में मिल सकें। स्वाभाविक है कि यह पुस्तक हिन्दी ललित निबन्ध विषय पर मील का पत्थर सिद्ध होगी।

प्रस्तुत पुस्तक में अब तक उपलब्ध ज्ञान के विविध पक्षों से सम्बद्ध विषयों पर लेखिका के बेबाक विचार संकलित हैं। इसके निष्कर्ष प्रामाणिक एवं पर्याप्त सूझ-बूझ पर आधारित हैं। विचारों की स्पष्टता एवं भाषाभिव्यंजना की परिपक्वता देखते ही बनती है। लेखिका द्वारा इस पुस्तक के तैयार करने में जो गहन अध्यवसाय एवं असाधारण श्रम किया गया है, इसका अनुमान इस कृति को पढ़कर ही लगाया जा सकता है।

कुल मिलाकर हिन्दी ललित निबन्धों के स्वरूप के विविध पक्षों पर स्पष्ट विचार इस पुस्तक को विशिष्ट बनाते हैं।

—डॉ. श्रीराम शर्मा

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 2013
Edition Year 2013, Ed. 1st
Pages 199p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14.5 X 1.5
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Editorial Review

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Vedvati Rathi

Author: Vedvati Rathi

वेदवती राठी

जन्म : 24 अप्रैल, 1966 मानसिंह की सराय, अलीगढ़।

शिक्षा : एम.ए. (हिन्दी) आगरा विश्वविद्यालय में द्वितीय स्थान के साथ प्रथम श्रेणी; पीएच.डी. (1990); ‘हिन्दी ललित निबन्ध परम्परा में शिवप्रसाद सिंह का योगदान’ आगरा विश्वविद्यालय डी.लिट्. (2000); ‘ललित निबन्ध : स्वरूप विवेचन’ डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, आगरा।

प्रमुख कृतियाँ : ‘महादेवी के रेखाचित्र’, ‘हिन्दी ललित निबन्ध : परम्परा और प्रयोग’, ‘पृथ्वीराज रासो : इंछिनी प्रसंग’, ‘गुरु द्रोण से’ कविता-संग्रह उ.प्र. हिन्दी संस्थान द्वारा पुरस्कृत, ‘चिन्तन की राह से’, ‘आईना-ए-अलीगढ़'।

‘हिन्दुस्तानी', ‘सम्मेलन पत्रिका’, ‘कथा’ आदि पत्रिकाओं में दर्जनों शोध-पत्र प्रकाशित तथा राष्ट्रीय, अन्तरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में शोध-पत्र वाचन। ‘दैनिक जागरण’, ‘शनिवासरीय सरगम’, ‘अमर उजाला’ में अनेक आलेख प्रकाशित।

सम्प्रति : धर्म समाज कॉलेज, अलीगढ़ में रीडर पद पर।

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