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Hindi Ki Mahila Upanyaskaron Ki Manviya Samvedna-Hard Cover

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9788171194612
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सच, अपने आपमें कितना कुछ समेटे हुए है महिला कथा-लेखन। संवेदना के सजल-तरल मौक्तिकों की द्युति! मानवीय सुख-दुख को महसूसने की अपूर्व ग्राही शक्ति! मानव-हृदय की अथाह गहराइयों में प्रविष्ट होकर नए, अछूते और अलभ्य भाव-रत्नों को तलाशने की पैनी दृष्टि! घर-परिवार के सारे दायित्वों को समेटते हुए और कभी-कभी तो घर-बाहर के दोहरे उत्तरदायित्व को वहन करते हुए भी अपने भीतर घुमड़ती 'चीख' को शब्दबद्ध करने की विनम्रता का नाम ही महिला-लेखन है। समाज में चतुर्दिक व्याप्त विषमताएँ और विसंगतियाँ जब चाहे-अनचाहे किसी महिला के संवेदनशील कलाकार मन तक पहुँचकर उसे आंदोलित करती हैं, तो वह उन्हें वाणी देने को बाध्य हो जाती है। महिला उपन्यासकारों की रचना-सृष्टियों में उकेरी गई संवेदना का साक्षात्कार है प्रस्तुत ग्रंथ।

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 1999
Edition Year 2023, Ed. 2nd
Pages 279p
Price ₹995.00
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 22.5 X 14.5 X 3
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Author: Usha Yadav

उषा यादव

जन्म : कानपुर ।
शिक्षा : एम.ए. (हिंदी, इतिहास), पी-एच.डी.,डी. लिट्.।
कार्य-क्षेत्र: रीडर, हिंदी विभाग, क. मु. हिंदी तथा भाषा-विज्ञान विद्यापीठ, डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, आगरा ।
प्रकाशित पुस्तकें
कहानी-संग्रह : टुकड़े-टुकड़े सुख, सपनों का इंद्रधनुष, जाने कितने कैक्टस ।
उपन्यास : प्रकाश की ओर, एक और अहल्या, धूप का टुकड़ा, आँखों का आकाश, कितने नीलकंठ ।
बाल कहानी-संग्रह : सपने सच हुए, हिन्दी साहित्य के इतिहास की कहानी, राजा मुन्ना, अनोखा उपहार, काँटा निकल गया, लाख टके की बात, जन्मदिन का उपहार, दूसरी तस्वीर, दोस्ती का हाथ, मेवे की खीर, खुशबू का रहस्य।
बाल उपन्यास : पारस पत्थर (सी.बी.टी. से पुरस्कृत), लाखों में एक (उ.प्र. हिन्दी संस्थान से पुरस्कृत), नन्हा दधीचि, सोना की आँखें।
बाल कविता-संग्रह : राधा का सपना।
प्रमुख आलोचनात्मक ग्रंथ : प्राचीन भारतीय कला एवं संस्कृति (उ. प्र. हिंदी संस्थान द्वारा पुरस्कृत), हिंदी के आधुनिक प्रतिनिधि निबंधकार, हिंदी साहित्य : युग और प्रवृत्तियाँ।
विशेष : वर्ष 1998 में उ. प्र. हिंदी संस्थान द्वारा 'बाल साहित्य भारती' सम्मान से पुरस्कृत।।
संपर्क : 73, नार्थ ईदगाह आगरा-282010

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