Facebook Pixel

Hindi Katha Sahitya : Ek Drishti-Hard Cover

Special Price ₹297.50 Regular Price ₹350.00
15% Off
Out of stock
SKU
9788183615938
Share:
Codicon

‘हिन्दी कथा साहित्य : एक दृष्टि’ का प्रयोजन हिन्दी कथा साहित्य की रचनात्मक यात्रा का आलोचनात्मक विवेचन है। सत्यकेतु सांकृत ने गम्भीर अध्ययन के उपरान्त हिन्दी कथा साहित्य की दोनों शाखाओं (उपन्यास तथा कहानी) की संरचना को परखा है। 20वीं सदी के अन्तिम चरण में हिन्दी उपन्यासों की क्या स्थिति थी, इसे स्पष्ट करते हुए लेखक ने उनके सरोकारों को भी टटोला है। प्रेमचन्द, रेणु, राहुल सांकृत्यायन और अन्य रचनाकारों की कथा-यात्रा का विवरण इस पुस्तक के विभिन्न आलेखों में है।

उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचन्द के साहित्य की थाह लगाते हुए सत्यकेतु एक उचित निष्कर्ष निकालते हैं, ‘प्रेमचन्द भारतीय पुनर्जागरण को उसके व्यापक सन्दर्भ में देखते थे। वे समझते थे कि देश को औपनिवेशिक ग़ुलामी से तभी मुक्ति मिल सकती है जब पूरा देश सामाजिक दृष्टि से लिंग-भेद, धर्म-भेद, जाति-भेद आदि अन्तर्विरोधों से मुक्त हो।’ विभिन्न रचनाओं का ऐसा सूत्रात्मक विश्लेषण पुस्तक को विशिष्ट बनाता है।

प्रायः आलोचनात्मक पुस्तकों में अनुसन्धान का पक्ष क्षीण होता है। पाठक अनुभव करेंगे कि भाषा-संरचना, सरोकार और समेकित प्रभाव को जाँचते हुए लेखक ने एक सन्तुलन रखा है। आलोचना और अनुसन्धान का यह मिश्रण पुस्तक का महत्त्वपूर्ण पक्ष है। कथा साहित्य में रुचि रखनेवाले पाठकों व शोधार्थियों के लिए अत्यन्त उपयोगी पुस्तक है।

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2013
Edition Year 2013, Ed. 1st
Pages 172p
Price ₹350.00
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 22 X 14.5 X 1.5
Write Your Own Review
You're reviewing:Hindi Katha Sahitya : Ek Drishti-Hard Cover
Your Rating
Satyaketu Sankrit

Author: Satyaketu Sankrit

सत्यकेतु सांकृत

जन्म : 13 मार्च, 1964; पटना, बिहार।

शिक्षा : प्रारम्भिक और माध्यमिक शिक्षा सर गणेश दत्त पाटलिपुत्र उच्च-विद्यालय, पटना।
स्नातक : पटना विश्वविद्यालय, पटना, बिहार। स्नातकोत्तर : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली। ‘हिन्दी उपन्यास में विश्वविद्यालयीय परिसर जीवन का अंकन : विश्लेषणात्मक अध्ययन’ विषय पर वर्ष 1996 में पीएच.डी. की उपाधि। ‘प्रेमचन्द और जैनेन्द्र की कहानियों का तुलनात्मक अध्ययन’ पर यू.जी.सी. द्वारा प्रदत्त लघु शोध परियोजना वर्ष 2006 में पूर्ण।

प्रकाशन : ‘हिन्दी उपन्यास और परिसर जीवन’ (आलोचना)। ‘भाषा’, ‘समीक्षा’, ‘पुस्तक वार्ता’, ‘हिन्दी अनुशीलन’, ‘साक्षात्कार’, ‘नई धारा’ आदि पत्रिकाओं में पुस्तक समीक्षाएँ, लेख प्रकाशित। यू.जी.सी. एवं अन्य प्रमुख संस्थानों द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में विभिन्न विषयों पर शोध-पत्रों का वाचन एवं उनका प्रकाशन।

Read More
Books by this Author
New Releases
Back to Top