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Hatya-Paper Back

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9788126703128
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सुपरिचित कथाकार हृदयेश ने इस उपन्यास में एक छोटे-से शहर की धड़कती ज़िन्दगी को केन्द्र बनाकर हत्या जैसे कृत्य के बहुआयामी चित्र प्रस्तुत किए हैं। शिवनारायण एक आदर्शवादी व्यक्ति है, और है शहर का एक नामी गुंडा चुन्नू जो मोहल्ले और शहर के निरीह लोगों पर जोर-जुल्म करता है। शिवनारायण उसकी इन हरकतों पर उत्तेजित होकर, उसके साथ कोई व्यक्तिगत शत्रुता न होते हुए भी, एक दिन उसकी हत्या कर देता है। मुक़दमा चलता है और अन्ततः शिवनारायण को फाँसी की सज़ा होती है। इस सारी प्रक्रिया में न केवल क़ानून का वास्तविक रूप उजागर होता है बल्कि हत्या के अनेक पहलू उभरकर सामने आते हैं। क़ानून की नज़र में हत्या सिर्फ़ एक आदमी के प्राण ले लेना है, जबकि हत्या व्यक्ति के चरित्र की, उज्ज्वल सम्भावनाओं की, अभिव्यक्ति पाने के लिए छटपटाती प्रतिभा की भी होती है। लेकिन समाज के कर्णधारों, सत्ता में बैठे लोगों और क़ानून के लिए हत्या के ये रूप चिन्तनीय नहीं हैं। ‘हत्या’ उपन्यास में लेखक ने इन सब पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से चित्रित किया है।

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Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 1994
Edition Year 2025, Ed. 3rd
Pages 144p
Price ₹199.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 19.5 X 12.5 X 1
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Author: Hrideyesh

हृदयेश

जन्म : 2 जुलाई, 1930; शाहजहाँपुर (उ.प्र.)।

प्रमुख कृतियाँ : उपन्यास—‘गाँठ’, ‘हत्या’, ‘एक कहानी अन्तहीन’, ‘सफ़ेद घोड़ा काला सवार’, ‘साँड’, ‘पुनर्जन्म’, ‘दण्डनायक’, ‘पगली घंटी’, ‘हवेली’; कहानी-संग्रह—‘छोटे शहर के लोग’, ‘अँधेरी गली का रास्ता’, ‘इतिहास’, ‘उत्तराधिकारी’, ‘अमरकथा’, ‘प्रतिनिधि कहानियाँ’, ‘नागरिक’, ‘रामलीला तथा अन्य कहानियाँ’, ‘सम्मान’, ‘जीवनराग’, ‘सन् उन्नीस सौ बीस’, ‘शिकार’; आत्‍मकथा—‘जोखिम’।

सम्‍मान : ‘पहल सम्‍मान’, ‘साहित्‍य भूषण सम्‍मान’ आदि।

कई रचनाएँ देश-विदेश की विभिन्‍न भाषाओं में अनूदित।

निधन : 31 अक्‍टूबर, 2016  

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