Facebook Pixel

Chaar Natak-Paper Back

Special Price ₹315.00 Regular Price ₹350.00
10% Off
In stock
SKU
9789388183666
- +
Share:
Codicon

“मराठी की रंगपरम्परा बहुत समृद्ध और सजीव रही है और उसका प्रभाव हिन्दी पर भी पड़ा है। मराठी और हिन्दी के बीच रंगमंच और नाटक के क्षेत्र में लगातार आदान-प्रदान होता रहा है। मराठी के प्राय: सभी बड़े आधुनिक नाटककारों के नाटक हिन्दी में अनूदित हुए और अनेक निर्देशकों द्वारा कई शहरों में खेले जाते रहे हैं। श्याम मनोहर के ‘चार नाटक’ मराठी-हिन्दी के विद्वान् निशिकान्त ठकार द्वारा अनूदित होकर यहाँ पहली बार हिन्दी में प्रकाशित हो रहे हैं। रज़ा पुस्तक माला के अन्तर्गत अन्य भारतीय भाषाओं से अच्छी और प्रासंगिक सामग्री हिन्दी में लाने के हमारे प्रयत्न का यह हिस्सा है।”

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back, Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2018
Edition Year 2018, Ed. 1st
Pages 326p
Price ₹350.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 2
Write Your Own Review
You're reviewing:Chaar Natak-Paper Back
Your Rating
Shyam Manohar

Author: Shyam Manohar

श्याम मनोहर

जन्म : 27 फरवरी, 1942।

मराठी के बहुचर्चित लेखक और चिन्तक हैं। पिछले पचास बरसों से लिख रहे श्याम मनोहर भौतिक विज्ञान के प्राध्यापक रहे हैं। वे लगभग 7-8 वर्ष पुणे विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग से सृजनात्मक लेखन (नाटक) के अतिथि प्रोफ़ेसर के नाते भी जुड़े हुए थे।

उनके अब तक दो कहानी-संकलन, आठ नाटक, नौ उपन्यास और एक भाषणों तथा समीक्षापरक लेखों का संकलन प्रकाशित हुए हैं और उन्हें मराठी के नामचीन प्रकाशकों ने प्रकाशित किया है। उनकी कई सारी रचनाएँ हिन्दी, कन्नड़, तेलुगू, तमिल, मलयालम तथा अन्य भाषाओं में अनूदित हुई हैं जिनमें उनका हिन्दी में अनूदित एक उपन्यास ‘बहुत लोग हैं’ (अनुवाद : निशिकान्त ठकार) विशेष उल्लेखनीय है। उनके उपन्यास पर ‘लिमिटेड माणुसकी’ फ़िल्म भी बनी है। उन्हें कहानी, उपन्यास और नाटकों के लिए कई राष्ट्रीय तथा राज्यस्तरीय पुरस्कार मिले हैं जिनमें ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’, ‘कुवेम्पु राष्ट्रीय पुरस्कार’, ‘सुमनांजलि राष्ट्रीय पुरस्कार’, ‘जीवन गौरव’ आदि पुरस्कार शामिल हैं।

Read More
Books by this Author
New Releases
Back to Top