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Badhiya Stree-Hard Cover

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9788126701247
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बधिया स्त्री यानी वह स्त्री जिसकी यौनिकता का दमन कर दिया गया है। 
‘द फीमेल यूनॅक’ शीर्षक से वर्ष 1970 में प्रकािशत और एक ही साल के भीतर विश्व-भर में तीखी चर्चाओं और प्रतिक्रियाओं का विषय बनी यह पुस्तक आज स्त्रीविमर्श की सर्वािधक पढ़ी जानेवाली कृतियों में से एक है। नारीवाद की दूसरी लहर की अत्यन्त प्रभावशाली कृति के रूप में विख्यात ‘द फीमेल यूनॅक’ ने स्त्री की स्वतंत्रता से जुड़े उन प्रश्नों को उठाया, जिनका ताल्लुक़ स्त्री-देह और परिवार आदि संस्थाओं में उसकी भूिमका से है।
तीक्ष्ण हास्यबोध और अकाट्य तर्कों के साथ जर्मेन ग्रीयर ने इस पुस्तक में स्त्री के सम्मान, उदात्त मनोवेगों की अभिव्यक्ति और एक व्यक्ति के रूप में उसके स्वतंत्र विकास की ज़रूरत को रेखांकित किया। दौड़ने, चिल्लाने, ज़ोर से बोलने, घुटने फैलाकर बैठने, सीखने और सिखाने की आज़ादी को अनिवार्य बताते हुए वे कहती हैं कि ‘औरत को अपनी यौनिकता को व्यक्त करने का अधिकार’ हो; कि उसकी यौनेच्छा मात्र प्रतिक्रियात्मक न हो। उनके मुतािबक़ यह सिर्फ़ पुरुषों के प्रस्तावों को स्वीकार या अस्वीकार करने का प्रश्न नहीं है, इसका अर्थ यह है कि वह स्वयं एक स्वायत्त इकाई की तरह अपनी इच्छा को व्यक्त कर सके। 
दुिनया की अनेक भाषाओं में अनूिदत इस किताब ने आलोचना भी कम नहीं झेली, लेिकन आज भी यह उतनी ही प्रासंगिक है जितनी बीसवीं सदी के आख़िरी दशकों में थी। तमाम क्षेत्रों में अपनी दावेदारी सिद्ध करने के बावजूद, अभी भी यह नहीं कहा जा सकता कि स्त्री अपनी देह की मालिक ख़ुद है। 
भारत के सन्दर्भ में इस पुस्तक के तर्क और भी ज़्यादा सटीक कहे जा सकते हैं।स्लिपशॉड सिबिल्स’, ‘द होल वुमैन’।

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Language Hindi
Binding Hard Back, Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2001
Edition Year 2024, Ed. 4th
Pages 318p
Price ₹995.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 21 X 14 X 2
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Germaine Greeyar

Author: Germaine Greeyar

जर्मेन ग्रीयर

जन्म : मेलबोर्न, ऑस्ट्रेलिया में 1949 में।

शिक्षा : मेलबोर्न विश्वविद्यालय से बी.ए. ऑनर्स (1959), सिडनी से प्रथम श्रेणी में एम.ए. (1967) और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से पी-एच.डी. (1968)।

प्रमुख कृतियाँ : ‘द ओब्सटेकल रेस’, ‘सेक्स एंड डेस्टिनी’, ‘द मैड वुमेन्स अंडरक्लॉथ्स’, ‘डैडी’, ‘आई हार्डली न्यू यू’, ‘द चेंज’, ‘स्लिपशॉड सिबिल्स’, ‘द होल वुमैन’।

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