Ajneya Kahani Sanchayan

Fiction : Stories,Anthology
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ISBN:9788126722686
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9788126723164
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‘अज्ञेय’ का समय। आज़ादी के पहले और ठीक बाद में बिंधा। ऐसा समय जो क़तई हल्का नहीं बैठता, काँधों पर। चूँकि अतिरिक्त ज़ोर, दबाव और मक़सद की मची है कि हम निर्माण कर रहे हैं एक नए वक़्त का और हम करके रहेंगे।

भूलने, भटकने की कलाकार की प्यास, वक़्त की इन औचित्यपूर्ण, निष्ठा-भरी माँगों के भार में फँसती-सी है। कभी तो यह अहसास, ख़ासे प्रत्यक्ष तरह से, ‘अज्ञेय’ के लेखन में झलकता है। वाक़ई अज्ञेय एक नई भाषा गढ़ रहे हैं, इतनी गम्भीरता से कि बीन-बीन के उठा लाए हैं शब्द जो नए गठबन्धनों में असमंजस से हमें ताक रहे हैं।

‘अज्ञेय’ की कहानियों में विषय की ग़ज़ब की विविधता है, भाषा, शैली की भी। प्रकृति-मानव का रिश्ता है कहीं, रचना-प्रक्रिया पर ख़याल कहीं, प्राचीन मिथक कहीं, और देश-विदेश का इतिहास—रूस, चीन, तुर्की, मुल्क का बँटवारा—आदम हउवा कहाँ-कहाँ ले जाती है जानने, महसूस करने की उनकी ललक।

कहानियाँ ख़ुद कहेंगी। बकौल अज्ञेय : ‘कहानी पर प्रत्यय रखो, लेखक पर नहीं।’

आइए, आप भी इस प्रगाढ़ ‘अज्ञेय’ माहौल में...।

—भूमिका से

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Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 2012
Edition Year 2012, Ed. 1st
Pages 264P
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Rajkamal Prakashan
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Editorial Review

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Agyey

Author: Agyey

अज्ञेय

एक ऐसा नाम—जिससे न सिर्फ हिन्दी साहित्य बल्कि पूरा भारतीय साहित्य समृद्ध होता है। बीसवीं शताब्दी के एक ऐसे कालजयी रचनाकार जिन्होंने अपने युग की प्रवृत्तियों को अपने 'विजन’ से सम्पूर्णता में प्रभावित किया। 'भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार’, 'साहित्य अकादेमी पुरस्कार’ सहित कई अन्य पुरस्कारों से सम्मानित अज्ञेय ने कविता, कहानी, उपन्यास, यात्रा-वृत्तान्त, आलोचना, निबन्ध, संस्मरण, डायरी, नाटक, चिन्तन आदि विधाओं में प्रचुर लेखन किया है। उन्होंने कई समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं और पुस्तकों का सम्पादन कर $कलम और कला का एक श्रेष्ठ मानदण्ड भी स्थापित किया। जन्म : 7 मार्च, 1911 निधन : 4 अप्रैल, 1987

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