Facebook Pixel

Adikal: Purani Hindi

Edition: 2023, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Lokbharti Prakashan
As low as ₹510.00 Regular Price ₹600.00
15% Off
In stock
SKU
Adikal: Purani Hindi

- +
Share:
Codicon

हिन्दी साहित्य के इतिहास का आदिकाल उसका स्वरूय-विकास एवं नामकरण विवादास्पद रहा है। इसका आरम्भ छठी शती से बारहवीं शती तक सिद्ध किया गया है। इसे अनेक नाम दिए गए हैं. जैसे- वीरगाथा काल, उदूभवकाल, उत्पत्तिकाल बीज बपन काल, सन्धिकाल, सिद्ध सामन्त काल, चारणकाल आदि। किन्तु अब 'आदिकाल' नाम ही बहुमान्य हो गया है।

प्राचीन हिन्दी भाषा के भी कई नाम सुझाए गए हैं, जैसे—परवर्ती अपभ्रंश प्रकृताभास भाषा, संघाभाषा, हिन्दवी, पुरानी हिन्दी, अवहट्ट अवहंस, देसिलबयनर, डिंगल, पुरानी राजस्थानी गूजरी, पिंगल, भाखा, कोसली, दक्खिनी हिन्दी, देशभाषा आदि। किन्तु अब राहुलजी और गुलेरीजी के द्वारा स्थापित 'पुरानी हिन्दी संज्ञा ही तर्क संगत लगती है।

आदिकाल में सिद्धनाथ, जैन, सन्त, सूफी रामकृष्णाश्रयी भक्त, चारण, लोककवि, नीतिकार वीरकाव्य परम्परा के प्रशस्तिकार, जीवनीकार, शृंगारी कवि, वैयाकरण गद्यकार सभी का योगदान रहा है।

आदि हिन्दी कवि के रूप में पुष्य, पुण्ड, पुष्पदंत, विमलसूरि आदि की अपेक्षा सरहपाद- सरह (स्थितिकाल-750-769) को मागधी-सौरसेनी अपभ्रंश से विकसित 'पुरानी हिन्दी' के सर्वाधिक सन्निकट होने के कारण यह श्रेय देना ज्यादा तथ्याश्रित होगा।

यह उल्लेखनीय है कि साहित्य की प्रायः प्रत्येक प्रवृत्ति के बीज इस अवधि में अंकुरित हुए हैं। इतिहास लेखन करते हुए जिन्हें पहले मध्यकालीन माना गया था, अब उनमें से कुछ आदिकाल में गणनीय हैं।

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2023
Edition Year 2023, Ed. 1st
Pages 218p
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1.5
Write Your Own Review
You're reviewing:Adikal: Purani Hindi
Your Rating
Dr. Surya Prasad Dixit

Author: Dr. Surya Prasad Dixit

सूर्यप्रसाद दीक्षित

जन्म : 6 जुलाई,1938; बन्नावाँ, रायबरेली (उत्तर प्रदेश)।

प्रोफ़ेसर तथा पूर्व अध्यक्ष, हिन्दी विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय; संस्थापक अध्यक्ष : पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय। दो शोध-प्रबन्ध प्रकाशित ‘छायावादी गद्य’ (पीएच.डी) व ‘व्यावहारिक सौन्दर्यशास्त्र’ (डी.लिट्.)। इनके अतिरिक्त दर्जनों शोधपरक पुस्तकों के रचयिता।

सम्मान : उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान से ‘साहित्य भूषण सम्मान’, ‘दीनदयाल उपाध्याय सम्मान’, हिन्दी साहित्य सम्मेलन से ‘साहित्य वाचस्पति उपाधि’, इंटरनेशनल सेंटर, कैम्ब्रिज से ‘इंटरनेशनल मैन ऑफ़ दी इयर’, अमेरिकन इन्स्टीट्यूट से ‘डिसटिंगिस्ट परसनालिटी ऑफ़ दी वर्ड’, साहित्य अकादेमी नई दिल्ली द्वारा ‘आथर इन रेजीडेन्स फ़ेलोशिप’, ‘तुलसी अवधश्री सम्मान’ आदि।

ई-मेल : [email protected]

Read More
Books by this Author
New Releases
Back to Top