Wo Tere Pyar Ka Gam

Biography
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Wo Tere Pyar Ka Gam

दान सिंह का निधन मैलोडी के लिए बड़ा नुक़सान है। मैं उन्हें मूल्यों और गरिमा में गहरा विश्वास रखनेवाले इनसान के रूप में याद करता हूँ।

—गुलज़ार; मशहूर गीतकार

दान सिंह जी की धुनों से सजा गीत—‘वो तेरे प्यार का गम’—मेरे पिताजी (मुकेश) के गाये सर्वश्रेष्ठ गीतों में से एक था।

—नितिन मुकेश; प्रसिद्ध गायक

वरिष्ठ संगीतकार दान सिंह जी ने ‘माइ लव' के रूप में फ़िल्मी संगीत को ऐसा तोहफ़ा दिया है जिसकी चमक कोहिनूर हीरे जैसी है। जब भी अच्छे और पायेदार फ़िल्मी संगीत की बात होगी तो ‘माइ लव’ के संगीत को शायद नहीं भूला जाएगा। दान सिंह जी उन ख़ुशनसीबों में से थे जो बहुत कम समय फ़िल्म जगत में रहकर और बहुत कम काम करके अमर हो गए।

—इरशाद कामिल; मशहूर फ़िल्म गीतकार

जयपुर के पत्रकार ईशमधु तलवार ने किसी ज़माने में ख्याति पाए संगीतकार दान सिंह, जिनके मृत होने की अफ़वाह थी, को जीवित खोज निकाला और तनहा गुमशुदा-सी ज़िन्दगी के अँधेरों से वे बाहर आए।

—जयप्रकाश चौकसे; प्रसिद्ध फ़िल्म समीक्षक

दान सिंह जी के संगीत की सबसे बड़ी ख़ासियत यह है कि वो अपने समय के सभी दिग्गजों के बीच अपनी अलग धारा चले, पक्की और मधुर धुनों के साथ-साथ दान सिंह ने कविता की ऊँचाई को भी क़ायम रखा।

—यूनुस ख़ान; मशहूर रेडियो एनाउंसर, विविध भारती, मुम्बई

More Information
Language Hindi
Format Paper Back
Publication Year 2014
Edition Year 2014, Ed. 1st
Pages 88p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 18 X 12 X 0.5
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Editorial Review

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Ishmadhu Talwar

Author: Ishmadhu Talwar

ईशमधु तलवार

ईशमधु तलवार पत्रकार, कथाकार, नाटककार और व्यंग्यकार के रूप में सुपरिचित नाम हैं। इनकी बॉलीवुड के प्रसिद्ध संगीतकार दान सिंह के जीवन-संघर्ष पर लिखी पुस्तक ‘वो तेरे प्यार का गम’ राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित होकर चर्चा में रही है। एक व्यंग्य-संकलन ‘इशारों-इशारों में’ छप चुका है। इनके लिखे दो नाटकों—

‘लयकारी’ और ‘फेल का फंडा’ के अनेक मंचन हुए हैं।

ईश्मधु तलवार ‘राजस्‍थान साहित्य अकादेमी’ की ओर से साहित्यिक एवं रचनात्मक पत्रकारिता के लिए 2013 में पुरस्कृत हो चुके हैं।

अनेक प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन। ग़ज़ल सम्राट मेहदी हसन पर उनके पैतृक गाँव लूणा को लेकर एक बड़ा आलेख पाकिस्तान के मशहूर ‘जंग समूह’ के अंग्रेज़ी अख़बार ‘द न्यूज़’ में छपा, चर्चित हुआ।

आकाशवाणी और दूरदर्शन पर कहानियों, वार्ताओं का प्रसारण और समसामयिक विषयों पर धारावाहिकों का निर्माण। जयपुर दूरदर्शन के लिए साम्भर झील पर बनाए गए वृत्तचित्र ‘चाँदी का समन्दर’ को पर्यावरण श्रेणी में ‘प्रसार भारती’ का राष्ट्रीय स्तर पर पहला पुरस्कार मिला।

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