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Sookhi Tahani Per Hariyal-Hard Cover

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अम्बर बहराइची उर्दू और हिन्दी के दरमियान एक पुल बनाना चाहते हैं। मुबारक़ है उनका ये अक़दाम। मुझे उनकी हिन्दी और संस्कृत पसन्दी से कहीं ज़ियादा महबूब है उनका अपने गाँव की धरती से अटूट रिश्ता बनाए रखना।

— ज्ञानचन्द्र जैन

अम्बर बहराइची जैसे रासिख़ुल अक़ीदा मुसलमान की मिसाल एक ऐसे गुलाब की सी है जिसका बीज चाहे कहीं से भी आया हो लेकिन वो फूटा है हिन्दुस्तान की धरती की कोख से और हिन्दुस्तान ही के मौसमों का रस पीकर वो बार-आवर हुआ है। अपनी जड़ों से इस दर्जा पैवस्तगी के साथ जब कोई शाइर महाकाव्य लिखने का जतन करेगा तो वह अजम के ख़यालात में खोकर नहीं रह जाएगा। उसकी तख़लीक़ का आधार होगा संस्कृत का रस सिद्धान्त।

 — ख़लीक़ अंजुम

अम्बर बहराइची ने रिवायती तरक़्क़ीपसन्दी और रिवायती जदीदियतपसन्द भेड़चाल से अलग-अलग अपनी हक़ीक़ी तख़लीक़ियतआफ़रीं राह निकाली है। दयारे-ग़ज़ल में भी अब उनकी तराशीदा और मुस्तहकम और हज़ारों बेचेहरा सदाओं में अलग राह पहचानी जाती है। बक़ौल गोपीचन्द नारंग, आज़ाद तख़लीक़ियत और आज़ाद मुकालेमा नए अहद का दस्तख़त है। उन्होंने सबसे मुख़्तलिफ़ ख़ालिस हिन्दुस्तानी अक़दारी तरजीही निज़ाम के साथ एक जागती और जगमगाती कविता-यात्रा की है जो ज्योति-रस से मुनव्वर है।

 — निज़ाम सिद्दीक़ी

अम्बर बहराइची बेहतरीन तख़लीक़ी सलाहियतों के मालिक हैं। उनका विजदान मुतहर्रिक है, उनकी नज़्म में विजदान ने जज़्बात में तुन्दी और तेज़ी पैदा तो की है, जज़्बों के हैजान और जोश की भी पहचान होती है, लेकिन मौज़ूअ के तक़द्दुस और वाक़ियात के जमाल की वजह से तवाज़ुन क़ाइम रहता है।

— शकीलुर्रहमान

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Isbn 10 8126707682
Edition Year 2004
Pages 106p
Price ₹125.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1
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Amber Baharaichi

Author: Amber Baharaichi

अम्बर बहराइची

पूरा नाम : मोहम्मद इदरीस ‘अम्बर बहराइची’।

जन्म : 05 जुलाई, 1949; सिकन्दरपुर, बहराइच, (उ.प्र.)।

शिक्षा : एम.ए. (भूगोल), पत्रकारिता में डिप्लोमा।

प्रादेशिक प्रशासनिक सेवा, उ.प्र. के वरिष्ठ सदस्य के रूप में कई स्थानों पर उपज़िलाधिकारी; सिटी मजिस्ट्रेट, ज़िला अधिकारी (वित्त एवं राजस्व); संयुक्त सचिव, ऊर्जा, उ.प्र. सरकार; सचिव, बरेली विकास प्राधिकरण; सचिव राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, उ.प्र.।

सदस्य उर्दू उपसमिति, के.के. बिड़ला फ़ाउंडेशन, नई दिल्ली, (2001 से 2002 तक); सदस्य, एडवाइज़री बोर्ड (उर्दू), साहित्य अकादेमी, दिल्ली।

प्रमुख कृतियाँ : ‘सूखी टहनी पर हरियल’, ‘दूब’, ‘ख़ाली सीपियों का इज़्तिराब’, ‘संस्कृत शेरियात’, ‘महाभिनिष्क्रमण’, ‘इक़बाल : एक अध्ययन’ आदि।

सम्मान : ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’ ‘इम्तियाज़-ए-मीर पुरस्कार’, ‘नवा-ए-मीर पुरस्कार’, उर्दू अकादमी उ.प्र. द्वारा आजीवन उपलब्धियों हेतु पुरस्कार, ‘राग़िब पुरस्कार’, ‘साक़िब ग़ज़ल पुरस्कार’ आदि।

निधन : 7 मई, 2021

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